भरतपुर में सर्दियों के लिए रजका हरा चारा पशुओं के लिए फायदेमंद विकल्प.

Last Updated:November 23, 2025, 19:00 IST
भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों की शुरुआत होते ही किसान अपने पशुओं के लिए रजका नामक हरा चारा बोना शुरू कर देते हैं. यह चारा न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होता है, बल्कि पशुओं की सेहत, तंदुरुस्ती और दूध उत्पादन बढ़ाने में भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. कम लागत में तैयार होने वाला रजका किसानों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन—दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है.
भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों का मौसम शुरू होते ही किसान पशुओं के लिए अपने खेतों में हरा चारा बोते हैं. हर साल सर्दियों में वे रजका नाम का हरा चारा बोते हैं, यह चारा सर्दियों के दौरान पशुओं के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में रजका को पशुओं के लिए अत्यंत उपयोगी समझा जाता है, इसी कारण किसान इसे विशेष रूप से सर्दियों में अपने खेतों में उगाते हैं.

यह हरा चारा पशुओं की सेहत, उत्पादन और पोषण—तीनों के लिए ही बेहतर माना जाता है. किसानों के अनुसार रजका चारा सर्दियों में तेजी से बढ़ता है और ठंडे मौसम में इसकी गुणवत्ता भी पहले से ज्यादा बेहतर रहती है. हरा चारा होने के कारण इसमें प्राकृतिक पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है, जो पशुओं की तंदुरुस्ती के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है.

ग्रामीण क्षेत्रों में यह चारा पारंपरिक रूप से वर्षों से पशुपालन का अहम हिस्सा रहा है, और आज भी इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है. रजका चारा हरा होने पर खेतों से काटकर मिक्स कुट्टी और तूरे के साथ मिलाकर पशुओं को खिलाया जाता है. किसानों का कहना है कि इस हरे चारे को अन्य सूखे चारे के साथ मिलाकर देने से पशुओं का पेट अच्छी तरह भरता है, जिससे वे स्वस्थ रहते हैं और बीमारियों से भी दूर रहते हैं, यही नहीं, हरा चारा खाने से पशुओं के दूध उत्पादन में भी वृद्धि होती है.
Add as Preferred Source on Google

इसलिए दुग्ध व्यवसाय से जुड़े किसान इसे सबसे अधिक महत्व देते हैं, सर्दियों के दौरान ग्रामीण किसानों के लिए यह चारा एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है. कम लागत में तैयार होने वाला यह हरा चारा पशुओं को संतुलित आहार प्रदान करता है. पशुपालक बताते हैं कि रजका न केवल पशुओं के लिए पौष्टिक होता है, बल्कि उनकी पाचन प्रक्रिया को भी मजबूत बनाता है.

इसके नियमित सेवन से पशु अधिक ऊर्जावान रहते हैं और दूध में भी प्राकृतिक रूप से गुणकारी तत्व बढ़ जाते हैं. किसानों का मानना है कि बदलते मौसम में हरे चारे की उपलब्धता पशुओं के लिए बेहद जरूरी है. ऐसे में सर्दियों में इसकी विशेष खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन—दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देती है.

यह हरा चारा बोकर किसान न केवल अपने पशुओं की जरूरतें पूरी करते हैं, बल्कि दूध उत्पादन बढ़ने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है. यही वजह है कि भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों के आते ही किसान अपने खेतों में रजका चारा बोते हैं, जो पशुओं के लिए काफी अच्छा और फायदेमंद माना जाता है.
First Published :
November 23, 2025, 19:00 IST
homeagriculture
सर्दियों के लिए रजका हरा चारा पशुओं के लिए फायदेमंद विकल्प, पढ़ें पूरी खबर



