800 साल पुराना हनुमान मंदिर, यहां फेरी देने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं, जलती हैं 13 अखंड ज्योति

सोनाली भाटी/जालौर. भारत की एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान पूरे विश्व में बनी हुई है और यह पहचान भारत में रहने वाले विभिन्न धर्म के जाति वर्ग को समानता का अधिकार देने और पहचान देने के लिए पूरे विश्व में जानी जाती है. आज हम यह बात इसलिए कर रहे हैं कि भारत का एक ऐसा मंदिर जहां पर पिछले 800 साल से भगवान महाबली महावीर हनुमान जी के मंदिर की जिसकी सेवा और पूजा अर्चना वहां पर रहने वाले दलित समाज के भाई करते आ रहे हैं और उनकी सेवा से कई लोग प्रभावित हुए हैं, यहां तक की भारत के प्रथम पुरुष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी एक जनसभा में अपने संबोधन में कानीवाडा हनुमान जी के मंदिर के पुजारी को संबोधित किया था.
राजस्थान के जालौर जिले के अंदर मात्र 8 किलोमीटर पर स्थित कानीवाडा गांव में कानीवाडा हनुमान जी का मंदिर ऐसा मंदिर है जहां पर पिछले 800 साल से महावीर की पूजा अर्चना और सेवा दलित समाज करता रहा है. आपको बता दें कि राजस्थान का एकमात्र यह ऐसा मंदिर है इस मंदिर में भगवान के ऊपर छत नहीं है यहां पर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं मांगने के साथ मंदिर के पुजारी से वचनबद्ध के रूप में धागा बंधवाता है और जिसकी मनोकामना पूर्ण होने पर अपने आप ही वह धागा खुल जाता है.
मंदिर में जलती है 13 अखंड ज्योति
इस मंदिर के अंदर पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति, भगवान राम और सीता की मनभावन तस्वीर उकेरी गई है. मंदिर के अंदर 13 अखंड ज्योति भी है. महावीर हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए यहां पर तेल व सिंदूर वह माली पन्ना चढ़ाया जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि यहां पर भगवान महाबली को पूजा अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में बड़े मखाने का भोग लगता है. श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से पैदल भी यहां पर मंदिर में आते हैं. इस गांव में 80 पर्सेंट आबादी दलित समाज की है.
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FIRST PUBLISHED : January 8, 2024, 20:30 IST