Rabi Season | Wheat Cultivation | Fertilizer Management | Farming Techniques | Agriculture Tips

Last Updated:November 07, 2025, 08:56 IST
Agriculture Tips: रबी की फसल की बेहतर पैदावार के लिए बुवाई से पहले खेत की मिट्टी की जांच, सही खाद मात्रा, और समय पर जुताई बेहद जरूरी है. सिंचाई प्रबंधन और बीज उपचार से रोग कम होते हैं और फसल तेजी से बढ़ती है. यह प्रक्रियाएं अपनाकर किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन पा सकते हैं.
भीलवाड़ा: आमतौर पर देखा जाता है कि अक्सर किसान बुवाई के समय काफी ध्यान देते हैं लेकिन बुआई से पहले फसलों की बीज का बीजाउपचार करना काफी जरूरी है इससे फसल रोग से भी बचती है और उत्पादन भी अच्छा देती है भीलवाड़ा में रबी की फसल की बुआई से पहले भीलवाड़ा का कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा हैं. इसके तहत पूरा प्रोसेस बताया जा रहा है कि किस तरह किसान अपने घर या खेत पर बीच का उपचार कर सकते हैं.
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार जैन ने बताया कि रबी की फसल की बुआई से पहले बीज उपचार अभियान के तहत जानकारी दी जा रहीं हैं. फसल में अधिक उत्पादन के लिए बीजोपचार आवश्यक है बीज उपचार करने से रोगों व कीटों से बीज की सुरक्षा के साथ बीज की अंकुरण क्षमताव फसल उत्पादन में भी वृद्धि होती हैं. फसलों को रोगों व कीटों से बचाने के लिए विभागीय सिफारिश अनुसार बीजोपचार अवश्य करें.
सहायक निदेशक धीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि मानसून की अच्छी वर्षा के कारण जिले के बांधों, जलाशयों एवं फॉर्म पौंड में पानी की पर्याप्त उपल्ब्धता के फलस्वरुप रबी सीजन में फसलों का क्षेत्रफल बढ़ने की सम्भावना है. क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई के समय किसानों द्वारा फास्फेटिक उर्वरक के रूप में डीएपी के उपयोग का प्रचलन अधिक है. किसानों द्वारा फॉस्फेटिक उर्वरक के रूप में केवल डीएपी पर अधिक निर्भरता मांग एवं आपूर्ति का अनुपात बिगड़ जाता है साथ ही भूमि में संतुलित पोषक तत्वों की भी आपूर्ति नहीं होती है.
राज्य सरकार की और उपलब्ध कराई गई बीजोपचार मशीनकृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने कहा कि मृदा जनित, वायु जनित रोगो से बचाव के लिए बीजोपचार जरूर करे. बीजोपचार करते समय हाथों में दस्ताने, मुंह पर मास्क व पूरे वस्त्र पहने, बीजोपचार करने से कम खर्च में अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है किसान अपना बीज एवं दवाई लेकर ग्राम पंचायत में राज्य सरकार की और उपलब्ध कराई गई बीजोपचार मशीन सें निःशुल्क बीजोपचार कर सकते है.
बीजोप्चार का पूरा प्रोसेसअच्छी फसल और रोगमुक्त पौधों के लिए बीज उपचार एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है. बीज उपचार का मतलब होता है बीज बोने से पहले उसे फफूंदनाशी, जीवाणुनाशी या कीटनाशी दवाओं से सुरक्षित करना, ताकि अंकुरण अच्छा हो और रोग न लगें. सबसे पहले बीजों को साफ करके धूल-मिट्टी और टूटे हुए दाने अलग कर लें. फिर प्रति किलो बीज में 2 से 3 ग्राम फफूंदनाशी दवा जैसे थायरम, कैप्टान या कार्बेन्डाजिम मिलाएं और अच्छे से मिक्स करें ताकि हर बीज पर दवा की परत चढ़ जाए. अगर जैविक तरीका अपनाना चाहते हैं तो ट्राइकोडर्मा, प्सीडोमोनास या राइजोबियम कल्चर का इस्तेमाल करें.
बीजों को दवा या कल्चर से उपचारित करने के बाद 30 मिनट तक सूखने दें और फिर बोआई करें. बीज उपचार से पौधे मजबूत बनते हैं, फफूंद व कीटों से बचाव होता है और उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जाती है.
Jagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
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Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
November 07, 2025, 08:56 IST
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