जब नैनीताल में शूटिंग के लिए पहुंचे थे धर्मेन्द्र, भीड़ ने तोड़ दी थी छत; जानें वो अनसुना किस्सा

Last Updated:November 24, 2025, 19:03 IST
Dharmendra News Today: बॉलीवुड के दिग्गज और हीमैन धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे. 89 साल की उम्र में उन्होंने सोमवार दोपहर घर पर अंतिम सांस ली. विले पार्ले श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ. उनकी मौत से पूरे फिल्म जगत में शोक है. वहीं नैनीताल भी दुखी है, जहां उनकी फिल्म हुकूमत की शूटिंग हुई थी. आज नैनीताल के लोग शूटिंग के दौरान के किस्सों को याद कर रहे हैं. 
मशहूर बॉलीवुड फिल्म हुकूमत की शूटिंग के लिए सन् 1980 में जब धर्मेंद्र नैनीताल आए, तो पूरा शहर उनके स्वागत में उमड़ पड़ा था. ही-मैन की लोकप्रियता ऐसी थी कि लोग सिर्फ उनकी एक झलक के लिए घंटों इंतजार करते थे. फिल्म में उनका मशहूर डायलॉग “मैं यहां शांति नगर के लोगों के दिलों से खौफ मिटाने आया हूं” नैनीताल की पहचान बन गया. आज 24 नवंबर को उनके निधन की खबर ने उन्हीं यादों को फिर ताजा कर दिया. नैनीताल उन्हें हमेशा एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह याद रखेगा.

मल्लीताल रिक्शा स्टैंड पर जब भीड़ धर्मेंद्र को देखने उमड़ी, तो पुराने शेड की छत तक टूट गई. अफरा-तफरी के बीच सबसे पहले धर्मेंद्र आगे बढ़े और लोगों से पूछा कि किसी को चोट तो नहीं लगी? उनकी ये इंसानियत आज भी चर्चाओं में है. किसी फिल्म स्टार का इस तरह भीड़ में उतरकर लोगों की चिंता करना उस दौर में भी दुर्लभ था. इस एक घटना ने उन्हें नैनीताल के लोगों के दिलों में सच्चा हीरो बना दिया था.

फिल्म हुकूमत की शूटिंग ने नैनीताल को नई पहचान दी. नैनी झील की खूबसूरती, मल्लीताल फ्लैट्स, माल रोड, कलैक्ट्रेट से लेकर भवाली, भीमताल और रानीखेत तक हर लोकेशन फिल्म का अहम हिस्सा बनी. शांत पहाड़ों के बीच फिल्माए गए एक्शन सीन दर्शकों के लिए नए अनुभव थे. फिल्म की रिलीज के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ गई. हुकूमत ने पहाड़ों की खूबसूरती को बड़े पर्दे पर हमेशा के लिए कैद कर दिया.
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फिल्म की पूरी टीम धर्मेंद्र से लेकर प्रेम चोपड़ा, सदाशिव अमरापुरकर, शम्मी कपूर और राजेंद्र कुमार तक नैनीताल क्लब में रुकी थी. क्लब के बाहर रोज लोगों की लंबी कतार लगती थी. फैंस की भीड़ सिर्फ एक झलक देखने के लिए खड़ी रहती, लेकिन धर्मेंद्र सबसे सहजता से मिलने वाले कलाकार थे. शूटिंग ने शहर को एक महीने के लिए फिल्म नगरी का रूप दे दिया था.

धर्मेंद्र न सिर्फ बड़े स्टार थे, बल्कि उतने ही बड़े इंसान भी थे. शॉट खत्म होते ही वे फैंस के बीच बैठ जाते, बच्चों को गोद में उठाते, बुजुर्गों से हाथ मिलाते और हर किसी के साथ फोटो खिंचवाते थे. न कोई स्टारडम, न कोई दूरी बस एक सरल, मुस्कुराता इंसान. नैनीताल के स्थानीय लोग आज भी कहते हैं कि धर्मेंद्र जितने बड़े एक्टर थे, उतने ही बड़े दिल वाले इंसान भी थे.

फिल्म के एक बड़े सीन में जुलूस निकाला गया था, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे. भीड़ का जोश, सितारों की मौजूदगी और धर्मेंद्र की करिश्माई पर्सनालिटी इन सबने नैनीताल में एक त्योहार जैसा माहौल बना दिया था. वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए यह जिंदगी का यादगार अनुभव था.

धर्मेंद्र सिर्फ परदे के हीरो नहीं थे, बल्कि लोगों की नजर में रियल हीरो थे. शूटिंग देखने भवाली और भीमताल तक पहुंचने वाले फैंस आज भी उस दौर को याद करते हैं. फिल्म हुकूमत की सफलता ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी और नैनीताल की खूबसूरती को दुनिया के सामने रखा. आज वह इस दुनिया से विदा ले चुके हैं, लेकिन उनकी मुस्कान, उनका अंदाज़ और उनका अपनापन नैनीताल की हवा में हमेशा रहेगा.
First Published :
November 24, 2025, 19:03 IST
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जब नैनीताल में शूटिंग के लिए पहुंचे थे धर्मेन्द्र, जानें अनसुना किस्सा



