सर्दी-खांसी में आयुर्वेदिक इलाज: अदरक-तुलसी, हल्दी दूध के फायदे

Last Updated:November 28, 2025, 16:20 IST
सर्दी-खांसी शुरू होते ही दवाओं की बजाय अगर आप अपनाएं अदरक-तुलसी का काढ़ा, हल्दी वाला दूध, शहद-दालचीनी जैसे आयुर्वेदिक नुस्खे, तो शरीर न सिर्फ जल्दी ठीक होता है बल्कि प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है. आयुर्वेदिक डॉक्टरों के अनुसार ये प्राकृतिक उपाय कफ को बाहर निकालकर शरीर को भीतर से संतुलित करते हैं और बिना किसी साइड-इफेक्ट के राहत देते हैं.
सर्दी-खांसी शुरू होते ही लोग तुरंत एलोपैथिक दवाओं का सहारा लेते हैं, इससे राहत तो मिलती है, लेकिन ये दवाएं केवल लक्षणों को दबाती हैं. आयुर्वेद के अनुसार सर्दी-खांसी शरीर में जमा कफ का संकेत होती है, जिसे बाहर निकालना आवश्यक है. दवाओं से भले ही तुरंत आराम मिल जाए, लेकिन इनके साइड-इफेक्ट्स होने की संभावना भी रहती है, इसलिए आयुर्वेदिक उपाय अधिक प्रभावी माने जाते हैं.

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार बताते हैं कि सर्दी-खांसी कोई शत्रु नहीं, बल्कि शरीर की अंदरूनी सफाई का संकेत है. इसलिए लक्षणों को दबाने के बजाय कफ के जमाव को निकालना आवश्यक है. प्रकृति-आधारित उपचार शरीर को भीतर से संतुलित करते हैं और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. इसी कारण ठंड के मौसम में जल्दबाज़ी में दवा लेने की बजाय शरीर को स्वाभाविक रूप से ठीक होने का अवसर देना चाहिए.

आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार अदरक-तुलसी का काढ़ा सर्दी-कफ के लिए गोल्डन डिटॉक्स माना जाता है. अदरक शरीर में गर्मी बढ़ाकर कफ को ढीला करता है, जबकि तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है. स्वाद और लाभ बढ़ाने के लिए इसमें गुड़ मिलाया जा सकता है, जो कफ को पिघलाने में सहायक होता है, यह आसान घरेलू नुस्खा तेज़ी से आराम देता है.
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उन्होंने बताया कि रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीना सर्दियों में बहुत फायदेमंद होता है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व है, जो गले की खराश, बदन दर्द और सूजन को कम करता है. यह न केवल शरीर को गर्म रखता है, बल्कि संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है, नियमित सेवन से खांसी-जुकाम में तेजी से राहत मिलती है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि एक चम्मच शहद में एक चुटकी दालचीनी मिलाकर चाटना सूखी खांसी में बेहद प्रभावी नुस्खा है. शहद गले पर एक परत बनाकर जलन कम करता है और दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. यह मिश्रण गले की खुश्की दूर कर कफ को ढीला करता है. बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए यह सुरक्षित और कारगर घरेलू उपाय माना गया है.

इसके अलावा गर्म पानी की भाप लेना सर्दी-जुकाम में सबसे सरल और कगारतरीका है. इसमें यूकेलिप्टस या पुदीने की कुछ बूंदें डालने से फायदा दोगुना हो जाता है. भाप नाक के रास्ते खोलती है, जमे हुए कफ को ढीला करती है और सांस लेने में तुरंत राहत देती है. दिन में 1 से 2 बार भाप लेने से बंद नाक और सिरदर्द में भी आराम मिलता है.
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November 28, 2025, 16:20 IST
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इन आयुर्वेदिक नुस्खे दूर भगाएं सर्दी-खांसी, जानिए ये घरेलु नुस्खें



