8 वर्षीय बच्चे की मौत, मुआवजा मांग. Ranthambore Panther Attack, Child Death & Compensation

सवाई माधोपुर. सवाई माधोपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिज़र्व से आज एक बार फिर बेहद दुःखद खबर सामने आई है. यहाँ आज शाम पैंथर के हमले में एक 8 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई. सूचना पर मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम ने शव कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहाँ कल सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा.
बाघों की अठखेलियों को लेकर विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिज़र्व के लिए साल 2025 कई मायनों में बेहद खराब रहा. रणथंभौर में इस वर्ष टाइगर के हमलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और आज पैंथर के हमले में एक मासूम बच्चे की जान चली गई. कुल मिलाकर, रणथंभौर में इस वर्ष अब तक वन्यजीव हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है.
झाड़ियों की ओट से मारा झपट्टा
बताया जा रहा है कि रणथंभौर की परिधि से सटे पुराने शहर के रामद्वारा के नजदीक स्थित गोपालपुरा बंजारा बस्ती निवासी 8 वर्षीय बालक विक्रम अपने पिता रामजीलाल बंजारा के साथ शाम को रणथंभौर की परिधि में स्थित आंटीला बालाजी मंदिर गया था. दोनों पिता-पुत्र बालाजी के दर्शन कर वापस अपने घर बंजारा बस्ती लौट रहे थे. बालक अपने पिता का हाथ थामकर चल रहा था.
तभी बालाजी मंदिर से कुछ दूरी पर ही झाड़ियों की ओट से अचानक एक पैंथर ने बालक पर हमला कर दिया और बालक को उसके पिता के हाथों में से छुड़ाकर जंगल की तरफ भाग गया.
पिता की चीखों से जमा हुए लोग
पिता कुछ समझ पाते उससे पहले ही पैंथर बालक को दबोचकर जंगल की ओर भाग गया. पैंथर को बालक को ले जाते देख पिता जोर-जोर से चिल्लाते हुए पत्थर उठाकर पैंथर के पीछे दौड़ पड़े. पिता के चिल्लाने की आवाज सुनकर नजदीक ही बंजारा बस्ती के अन्य लोग भी घटना स्थल की तरफ दौड़े और पत्थर मारकर बालक को पैंथर के जबड़ों से छुड़ाया.
लेकिन तब तक बालक की मौत हो चुकी थी. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में कर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मुआवजे की मांग पर अस्पताल में हंगामा
पैंथर के हमले में 8 वर्षीय बालक की मौत की खबर शहर में आग की तरह फैल गई. रणथंभौर वन प्रशासन द्वारा बालक का शव अस्पताल पहुंचने के बाद बंजारा बस्ती के लोगों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जिला अस्पताल में जमा हो गए और वन विभाग एवं प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग करने लगे.
हालात बिगड़ते देख जिला कलेक्टर कानाराम, पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल, डीएफओ मानस सिंह सहित पुलिस एवं प्रशासन व रणथंभौर वन प्रशासन के आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों व लोगों से समझाइश की. इस दौरान मृतक के परिजनों ने 30 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग अधिकारियों व मीडिया के समक्ष रखी. कलेक्टर और एसपी ने परिजनों को सांत्वना देते हुए उचित मुआवजा दिलवाने और उनकी मांगों को सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया. फिलहाल परिजनों व प्रशासन में कुछ हद तक सहमति बन गई है.
घटना को लेकर रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि हादसे वाले इलाके में विगत तीन दिनों से पैंथर का मूवमेंट था. पैंथर के मूवमेंट को लेकर वनकर्मियों द्वारा आसपास के लोगों को चेताया भी गया था, लेकिन दुर्घटनावश यह हादसा हो गया और एक मासूम की मौत हो गई. फिलहाल वन विभाग की टीम हमलावर पैंथर की ट्रैकिंग में जुटी हुई है.



