Apple का बड़ा स्टैंड, iPhone में प्रीलोड नहीं होगा संचार साथी! सरकारी ऐप जोड़ने से किया मना

Last Updated:December 02, 2025, 17:54 IST
Sanchar Saathi ऐप को सभी स्मार्टफोन में प्रीलोड करने के आदेश पर Apple ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कह दिया है कि वह ऐसा नहीं करेगा. कंपनी का कहना है कि जबरन ऐप जोड़ना iPhone यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकता है.
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नई दिल्ली. स्मार्टफोन यूजर्स की प्राइवेसी पर छिड़ी बहस के बीच दिग्गज टेक कंपनी (Apple) ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने टेक वर्ल्ड में हलचल मचा दी है. सरकार चाहती है कि हर नया स्मार्टफोन चाहे वो iPhone हो या बजट एंड्रॉयड, एक खास सरकारी ऐप Sanchar Saathi के साथ प्रीलोड होकर आए. लेकिन Apple ने साफ संकेत दे दिया है कि वह इस आदेश का पालन नहीं करेगा. कंपनी का कहना है कि फोन में किसी भी सरकारी ऐप को जबरन प्रीलोड करना यूजर की प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकता है.
सरकार चाहती है कि नए फोन में यह ऐप पहले से मौजूद हो और पुराने फोन में भी इसे सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए भेजा जाए. इतना ही नहीं, यूजर इस ऐप को हटाने में भी सक्षम न हों. हालांकि, इस कदम ने देश में निगरानी को लेकर बहस छेड़ दी है. विपक्षी दलों और प्राइवेसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि 73 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स पर नजर रखने का यह अप्रत्यक्ष तरीका हो सकता है.
ग्लोबल पॉलिसी के खिलाफरायटर्स के मुताबिक, ऐपल के करीब सूत्रों ने बताया कि कंपनी किसी भी देश में फोन में सरकारी ऐप प्रीलोड नहीं करती. इससे iOS की सिक्योरिटी और प्राइवेसी मॉडल कमजोर पड़ सकता है. कंपनी का कहना है कि यह उनकी ग्लोबल पॉलिसी के खिलाफ है और सिस्टम में गंभीर कमजोरियां पैदा कर सकता है.
अदालत नहीं जाएगा Appleसूत्रों ने यह भी बताया कि Apple अदालत नहीं जाएगा, लेकिन सरकार को औपचारिक रूप से यह बताएगा कि वह यह आदेश मानने में सक्षम नहीं है. दूसरी ओर, सैमसंग जैसे दूसरे ब्रांड भी इस फैसले की समीक्षा कर रहे हैं.
सरकार और Apple के बीच इस मुद्दे पर बातचीत होनी बाकीटेलिकॉम मंत्रालय का तर्क है कि Sanchar Saathi से चोरी के फोन, डुप्लीकेट IMEI और ब्लैकलिस्टेड डिवाइस की बिक्री पर रोक लगेगी. भारत में बड़े सेकंड-हैंड मोबाइल मार्केट को देखते हुए सरकार इसे साइबर सिक्योरिटी के लिए जरूरी कदम बता रही है. फिलहाल सरकार और Apple के बीच इस मुद्दे पर बातचीत होनी बाकी है, लेकिन इतना साफ है कि यह फैसला टेक इंडस्ट्री, प्राइवेसी और यूज़र नियंत्रण पर बड़ा असर डाल सकता है.
प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन… और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
December 02, 2025, 17:51 IST
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Apple का बड़ा स्टैंड, iPhone में प्रीलोड नहीं होगा संचार साथी! कही ये बात



