‘मैं यहां किसी के फटे में टांग अड़ाने नहीं राज करने आया हूं’, गैंगस्टर की खुली चुनौती, पुलिस का फिल्मी स्टाइल

Last Updated:December 15, 2025, 17:40 IST
Jhunjhunu Gangwar News : राजस्थान के शेखावाटी में गैंगस्टर फिर से सिर उठाने लग गए हैं. झुंझुनूं जिले में रविद्र कटेवा यानी आरके ग्रुप 0056 गैंग और श्रवण भादवासी गैंग 1657 में हुई गैंगवार इसका सबूत है. इस गैंगवार में दोनों गैंग्स के एक-एक गैंगस्टर की मौत हो गई है. पुलिस का दावा है कि वह दोनों गैंग्स का जल्द ही सफाया कर देगी. जानें दोनों गैंग्स की आखिरकार क्यों हैं दुश्मनी.
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पुलिस ने गैंगवार के बाद गैंगस्टर रविंद्र कटेवा और उसके तीन साथियों को किया गिरफ्तार कर लिया है.
जयपुर. क्या राजस्थान एक बार फिर अपराधियों की गैंग के शिकंजे में फंसता जा रहा है. या फिर अपराधियों की गैंग खुलेआम फायरिंग कर दहशत पैदा कर रहे हैं. झूंझनूं में दो गैंग के बीच मुठभेड़ ने पूरे राज्य में दहशत फैला दी है. इस मुठभेड़ में दोनों गैंग के एक एक गैंगस्टर मारे गए. लेकिन वे पुलिस की गोली से नहीं बल्कि आपसी फायरिंग मारे में गए. इस गैंगवार से जनता में फैली दहशत के बाद पुलिस उसी अंदाज में जबाब देने निकली. दोनों गैंग के ठिकानों पर दबिश दी वो भी दबंग स्टाइल में ताकि गैंगस्टर को जबाब दिया जा सके और जनता में संदेश भी कि पुलिस का इकबाल खत्म नहीं हुआ है.
इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. यह वीडियो गैंगस्टर रविंद्र कटेवा का है. उसमें वह साफ कह रहा है कि ‘मैं यहां किसी के फटे में टांग अड़ाने नहीं आया हूं. राज करने आया हूं’. उसके साथ ही एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है. उस विडियो में रविद्र कटेवा के नाम वाली गाड़ियों का कफिला दिखाई दे रहा है. रविद्र कटेवा आरके ग्रुप 0056 गैंग का सरगना है. यह गैंग शेखावाटी यानी सीकर और झूंझनू में एक्टिव है. एक अन्य विडियो में भी सामने आया है। उसमें रविंद्र एक शख्स को बेल्ट से जमकर पीट रहा है बेल्ट से.
दोनों गैंग में जमकर चली गोलियांरविन्द्र जिस शख्स का पीट रहा है वह उसकी विरोधी गैंग श्रवण भादवासी की गैंग का गुर्गा है. उस गैंग का नाम 1657 है. कटेवा और उसके साथी बदमाशों ने भादवासी गैंग के इस गुर्गे को उस वक्त पकड़ लिया था जब वह 12 दिसंबर को कटेवा को मारने के लिए गैंगस्टर कृष्णकांत की अगुवाई में झूंझनू के कैमरी की ढाणी में कटेवा के घर पहुंचा था. उसने कटेवा पर फायरिंग भी कर दी थी. उसके बाद दोनों तरफ से जमकर मुठभेड़ हुई. दोनों गैंग ने एक दूसरे पर गोलियां दागी.
मुठभेड़ में मारा गया कटेवा का साथीइस मुठभेड़ में कटेवा ने छिपकर जान बचा ली लेकिन उसका साथी सुनील सुंडा मारा गया. पलटवार के लिए कटेवा ने अपनी साथी बदमाशों के साथ गैंगस्टर कृष्णकांत और उसके साथियों का पीछा किया। गाड़ियां मिट्टी में फंस जाने से वे पैदल भागे. लेकिन कटेवा गैंग ने कृष्णकांत और अन्य बदमाशों को घेर लिया. इस गोलीबारी में गैंगस्टर कृष्णकांत मारा गया. एक बदमाश को कटेवा ने पकड़ा लिया और जमकर पीटा.
देवर भाभी की दुश्मनी से शुरू हुई गैंगवारइस मुठभेड़ में दोनों गैंग के एक-एक बदमाश की मौत हो गई. दोनों गैंग में खुलेआम हुए खूनी खेल से शेखावटी में दहशत फैल गई. दोनों गैंग खुलेआम गोलियां बरसा रही थी तब पुलिस गायब थी. पुलिस की जांच में सामने आया कि भादवासी गैंग के सरगना श्रवण भदवासी ने गैंगस्टर कृष्णकांत को गैंगस्टर रविंद्र कटेवा की हत्या की 50 लाख में सुपारी दी थी. श्रवण भदवासी और उसकी भाभी शारदा में सीकर के भदवासी गांव में 24 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है. गैंगस्टर कटेवा ने शारदा की ओर से प्रोटेक्शन की गांरटी ले रखी थी. उसने श्रवण पर हमला भी किया था. पुलिस ने मुठभेड़ के साथ खाली कारतूस डिजायर कार और हथियार मौके से बरामद किए हैं.
मुठभेड़ ने पुलिस की कलई खोलकर रख दीशेखावाटी में जमीनों पर कब्जे को लेकर दो गैंग में हुई मुठभेड़ ने पुलिस की कलई खोलकर रख दी थी. उसके बाद पुलिस ने अपना इकबाल कायम करने, साख बचाने और जनता में मैसेज के लिए अलग तैयारी की. दो दिन बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ इस गैंग के बदमाशों पर धावा बोला. हथियारो से लैस होकर पुलिस के जवान छापेमारी करने निकले. दोनों गैंग के बदमाशों पर सीकर में छापेमारी के दौरान का ड्रोन विडियो शूट करवाया गया. इन तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिस फिल्मी स्टाइल में छापामारी करने निकली थी. पुलिस कारों के कफिले के साथ निकली. फिर नीचे उतरकर ताबड़तोड़ ऑपरेशन किया गया. यह सब कुछ ड्रोन कैमरे की निगारानी में हुआ. ड्रोन कैमरा तस्वीरें लेता रहा और पुलिस छापेमारी करती रही. पुलिस ने हथियार और कारें जब्त करने के साथ ही पिंटू भिंचरी उर्फ शूटर, राजू सिंह उर्फ राजू अटवाश समेत तीन गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया.
कांग्रेस का आरोप सरकार और पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका हैइस गैंगवार के बाद कंग्रेस ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया. कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने आरोप लगाया कि गैंगस्टर खुलेआम गैंग बनाकर फिरौती वसूल कर रहे हैं. फायरिंग कर रहे हैं. दहशत फैला रहे हैं. साफ है कि सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है. राजस्थान में लॉरेस गैंग का पहले से ही आंतक है. लॉरेंस गैंग की फिरौती के लिए व्यापारियों को धमकी आम है. लेकिन अब जिस तरह से जिलों में छोटी छोटी गैंग बनाकर बदमाश जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं. धमका रहे हैं उसने पुलिस की मुश्किलें और बढ़ा दी है. अब ये डर फिर से पैदा हो गया कि क्या क्या राजस्थान एक बार फिर गैंगस्टर्स की गिरफ्त में जा रहा है. ठीक उसी तरह से जिस तरह से पिछली अशोक गहलोत सरकार के दौरान गैंगों का आंतक था.
पिंटू शूटर ने रविंद्र कटेवा के मर्डर की 50 लाख की सुपारी ली थीझुंझुनूं एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने दावा किया है कि 0056 और 1657 गैंगों को पूरी तरह से बंद कर देंगे. बदमाश श्रवण भदवासी ने पिंटू भींचर उर्फ शूटर को सुपारी दी थी. पिंटू शूटर ने रविंद्र कटेवा के मर्डर की 50 लाख की सुपारी ली थी. कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी का मर्डर भी रविंद्र कटेवा ने ही किया है. कटेवा ने खुद को गोली मारने को लेकर अफवाह फैलाई थी. एसपी ने कहा कि कि मर्डर रविंद्र ने ही किया है. इसके हमारे पास पुख्ता सबूत और कबूलनामा है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
Location :
Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
December 15, 2025, 17:28 IST
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मैं यहां किसी के फटे में टांग अड़ाने नहीं राज करने आया हूं, गैंगस्टर की चुनौती



