राजस्थान सरकार का फैसला… मदरसों में भी गाया जाएगा ‘वंदे मातरम’! मुस्लिम संगठनों ने कहा- आजादी पर हमला

Last Updated:November 06, 2025, 16:27 IST
Vandematarm In Madarsa : राजस्थान में वंदेमातरम को लेकर नया विवाद भड़क उठा है. राज्य सरकार ने अब स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में भी राष्ट्रगीत गाने का आदेश दिया है. जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इसे देशभक्ति की भावना से जोड़कर बताया, वहीं मुस्लिम संगठनों ने इसे इबादत की आज़ादी पर हमला कहा है. कांग्रेस ने बीजेपी पर इसे सियासी मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है.
जयपुर. राजस्थान में वंदेमातरम को लेकर एक बार फिर सियासत गर्मा गई है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में भी राष्ट्रगीत वंदेमातरम रोजाना गाया जाएगा. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि 7 नवंबर को वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर राज्यभर में इसे वर्षभर मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार के अधीन आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों, जिनमें मदरसे भी शामिल हैं, में राष्ट्रगीत गाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना और एकता का संदेश जा सके.
मदन दिलावर ने कहा कि यह कदम किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान जताने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि ‘वंदेमातरम हमारा गौरव है, इसे हर शैक्षणिक संस्थान में गाया जाना चाहिए. यह सभी को एक सूत्र में बांधने वाला गीत है.’ सरकार का कहना है कि यह निर्णय वंदेमातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लिया गया है और आने वाले दिनों में इसको लेकर राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
मुस्लिम संगठनों ने जताई आपत्ति, कहा- इबादत की आज़ादी पर हमलाराज्य के मुस्लिम संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया है. वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष खानू खान बुधवाली ने कहा कि ‘भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां हर नागरिक को अपने धर्म के अनुसार प्रार्थना और इबादत करने की स्वतंत्रता है. सरकार को यह अधिकार नहीं कि वह यह तय करे कि कौन कौन-सी प्रार्थना करे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण और विकास पर ध्यान देने के बजाय धार्मिक मुद्दों में उलझा रही है. बुधवाली ने कहा कि “सरकार अगर वाकई मदरसों की भलाई चाहती है तो वहां शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार उन्मुख सुधार करे.”
कांग्रेस ने लगाया सियासत का आरोपवहीं कांग्रेस नेता प्रताप खाचरियावास ने कहा कि बीजेपी वंदेमातरम के नाम पर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि ‘वंदेमातरम पहले भी गाया जाता रहा है, लेकिन बीजेपी इसे नया मुद्दा बनाकर अपनी नाकामियों से ध्यान भटका रही है.’
राजस्थान में मदरसों पर विवाद नया नहींराज्य में मदरसों को लेकर विवाद पहली बार नहीं हुआ है. पिछली अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए बड़े बजट का ऐलान किया गया था. उस समय बीजेपी ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण बताया था. अब जब सत्ता बदल चुकी है, तो वही मदरसे एक बार फिर राजनीति के केंद्र में आ गए हैं- इस बार ‘वंदेमातरम’ के नाम पर.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 06, 2025, 16:27 IST
homerajasthan
मदरसों में भी वंदे मातरम गाने का फरमान.. मुस्लिम संगठनों ने कहा- आजादी पर हमला



