कलांचो पौधे की देखभाल कैसे करें? | Kalanchoe Plant Care Tips for Home Garden 2026.

Last Updated:January 05, 2026, 08:02 IST
Kalanchoe Plant Care Tips: कलांचो कम देखभाल में उगने वाला एक बेहतरीन पौधा है. सुबह की हल्की धूप, मिट्टी सूखने पर ही पानी देना और महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट का प्रयोग करके आप अपनी बालकनी को इस खूबसूरत फूलों वाले पौधे से सजा सकते हैं.

घर की बालकनी या खिड़की को हरा-भरा और रंगीन बनाने की चाह रखने वालों के लिए कलांचो (Kalanchoe) एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यह छोटा सा पौधा न केवल देखने में आकर्षक होता है, बल्कि इसकी देखभाल करना भी बेहद आसान है. खास बात यह है कि सही स्थान और थोड़ी सी समझदारी के साथ इसकी फ्लावरिंग (फूलों का खिलना) इतनी शानदार हो जाती है कि पूरा माहौल खुशनुमा नजर आने लगता है. गार्डनिंग के शौकीनों के बीच कलांचो तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह कम मेहनत में भी लंबे समय तक सुंदर फूल देता है.

कलांचो की अच्छी और भरपूर फ्लावरिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक उसका सही स्थान है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ इसे सुबह की हल्की धूप मिल सके. दोपहर की तेज धूप इसके पत्तों को झुलसा सकती है, इसलिए इसे सीधे प्रखर सूर्य के प्रकाश से बचाना आवश्यक है. घर की बालकनी, खिड़की के पास या कोई ऐसा कोना जहाँ सुबह की धूप के बाद दिनभर हल्की रोशनी बनी रहे, कलांचो के लिए आदर्श माना जाता है. सही रोशनी मिलने पर न केवल इसके पत्ते चमकदार बने रहते हैं, बल्कि फूलों की संख्या में भी भारी वृद्धि होती है.

पानी देने के मामले में कलांचो थोड़ा संवेदनशील पौधा है. इसमें बहुत कम पानी देना चाहिए, क्योंकि ज्यादा पानी इसकी जड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. गमले की मिट्टी जब ऊपरी सतह से पूरी तरह सूख जाए, तभी पानी देना बेहतर माना जाता है. अधिक नमी के कारण इस पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं, जिससे पौधा धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है और फूल आना बंद हो जाते हैं. इसलिए पानी हमेशा सीमित मात्रा में दें और यह भी सुनिश्चित करें कि गमले के नीचे पानी निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था हो, ताकि अतिरिक्त पानी जमा न हो सके.
Add as Preferred Source on Google

बेहतर वृद्धि और लंबे समय तक फूल पाने के लिए कलांचो के पोषण का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है. महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट डालने से पौधे को सभी जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं. वर्मीकम्पोस्ट न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है, बल्कि पौधे की जड़ों को भी मजबूती प्रदान करता है, जिससे फूलों की संख्या और उनके रंगों की चमक में स्पष्ट निखार आता है. विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत ज्यादा केमिकल खाद के इस्तेमाल से बचना चाहिए. रासायनिक उर्वरक पौधे की प्राकृतिक वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं और मिट्टी की सजीवता को कम कर सकते हैं. प्राकृतिक खाद का उपयोग पौधे को लंबे समय तक स्वस्थ और हरा-भरा रखता है.

कलांचो की एक बड़ी विशेषता यह है कि यह कम जगह में भी बहुत आसानी से उग जाता है. छोटे गमलों में भी इसकी वृद्धि बहुत अच्छी होती है, जो इसे छोटे अपार्टमेंट्स और सीमित स्थान वाली बालकनियों के लिए एक आदर्श पौधा बनाती है. लाल, गुलाबी, पीले और नारंगी जैसे चटख रंगों के फूलों के गुच्छे घर की सजावट में चार चांद लगा देते हैं. यही कारण है कि शहरों में अपार्टमेंट में रहने वाले लोग, जिनके पास गार्डनिंग के लिए सीमित जगह होती है, इसे अपने घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए प्रमुखता से चुन रहे हैं. यह न केवल दिखने में आकर्षक है, बल्कि एक “लो-मेंटेनेंस” (कम देखभाल वाला) पौधा होने के नाते आधुनिक जीवनशैली में बिल्कुल फिट बैठता है.

कलांचो वाकई उन लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प है जो कम समय और सीमित मेहनत में अपने घर को सुंदर और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बनाना चाहते हैं. जैसा कि आपने बताया, बस तीन मुख्य बातों का ध्यान रखकर—सुबह की हल्की धूप, सीमित पानी और महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट—कोई भी व्यक्ति अपनी बालकनी या खिड़की को फूलों से महका सकता है. यह पौधा न केवल आंखों को सुकून देता है, बल्कि घर के वातावरण को भी खुशनुमा बनाए रखता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
January 05, 2026, 08:02 IST
homelifestyle
बालकनी की शान बढ़ाएगा कलांचो: घर में आएगी रंगीन रौनक, जानें उगाने के आसान टिप्स



