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Can not Sleep at Night 5 Techniques to Fall Asleep Faster | रात को नींद नहीं आती तो अपनाएं ये 5 आसान टेक्निक

Simple Tips for Better Sleep: भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है. कभी लोगों को इसके लिए 7-8 घंटे का वक्त नहीं मिल पा रहा है, तो कभी टेंशन की वजह से नींद आती नहीं है. कई लोग रात को बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं. नींद न आने की समस्या को मेडिकल की भाषा में इंसोमिया कहा जाता है. यह एक कॉमन समस्या बन चुकी है. देर रात तक मोबाइल चलाना, काम का तनाव, अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान इसकी बड़ी वजहें हैं. कई लोग बिस्तर पर लेटने के बाद भी घंटों करवटें बदलते रहते हैं, जिससे अगला दिन थकान और चिड़चिड़ेपन में गुजरता है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान टेक्निक अपनाकर आप नींद की समस्या से राहत पा सकते हैं.

अच्छी नींद लाने के लिए अपनाएं 5 आसान टेक्निक

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो नींद न आने की समस्या से जूझ रहे लोगों को 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्निक अपनानी चाहिए. इस तकनीक में 4 सेकंड तक सांस लें, 7 सेकंड तक सांस रोकें और 8 सेकंड में धीरे-धीरे सांस छोड़ें. इसे रात को सोने से पहले 3-4 बार दोहराने से दिमाग शांत होता है और नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है. यह तकनीक तनाव कम करके शरीर को नींद के लिए तैयार करती है.

प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन टेक्निक से लोगों को जल्दी नींद आ जाती है. इसमें आप शरीर की अलग-अलग मसल्स को पहले टाइट करते हैं और फिर धीरे-धीरे ढीला छोड़ते हैं. पैरों से शुरू करके सिर तक यह प्रक्रिया करें. इससे शरीर में जमी थकान निकलती है और दिमाग को यह संकेत मिलता है कि अब आराम करने का समय है. कई लोग इस टेक्निक से अच्छी नींद का अनुभव करते हैं.

मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाने से भी नींद न आने की समस्या से राहत मिलती है. आप रात को सोने से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले फोन, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें. इनसे निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जो नींद के लिए जरूरी होता है. स्क्रीन से दूरी बनाकर अपने दिमाग को नेचुरल तरीके से स्लीप मोड में ला सकते हैं.

दिमाग को हल्का करने से भी अच्छी और जल्दी नींद आती है. अगर लेटते ही दिमाग में ढेर सारे विचार आने लगते हैं, तो एक कागज पर अगले दिन के काम या परेशानियों को लिख लें. इससे दिमाग को यह सुकून मिलता है कि सब कुछ नोट हो चुका है और अभी सोचने की जरूरत नहीं है. यह तरीका खासतौर पर ओवरथिंकिंग वालों के लिए बेहद फायदेमंद है.

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सोने से पहले गुनगुना पानी पीना, हल्की स्ट्रेचिंग, धीमा म्यूजिक सुनना या किताब पढ़ने से भी जल्दी नींद आती है. यह रूटीन दिमाग को कंडीशन कर देती है कि अब सोने का समय है. इसके अलावा बेडरूम की लाइट बंद कर दें और आरामदायक बिस्तर यूज करें. अगर इन सब चीजों के बावजूद समस्या बनी रहे, तो इस कंडीशन में डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराएं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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