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Harshad Mata Temple Abhaneri Dausa History

Last Updated:November 10, 2025, 13:03 IST

Harshad Mata Temple Abhaneri: आभानेरी का हर्षद माता मंदिर 8वीं सदी की स्थापत्य कला और श्रद्धा का अनोखा उदाहरण है. राजा जयचंद द्वारा निर्मित यह मंदिर मोहम्मद गौरी के आक्रमण में खंडित हुआ, लेकिन इसकी अधूरी मूर्ति आज भी आस्था का केंद्र बनी हुई है. नवरात्र में यहाँ हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुँचते हैं, जो इसकी रहस्यमयी कथाओं और इतिहास से जुड़े हैं.

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जब मूर्ति ने चोरों को दी थी चेतावनी, आभानेरी की चमत्कारी कथा!हर्षद माता मंदिर: जहां इतिहास और आस्था आज भी जीवंत हैं

Dausa News: राजस्थान के दौसा जिले का आभानेरी गाँव पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से प्रदेश के प्रमुख स्थलों में गिना जाता है. यह स्थान अपने ऐतिहासिक चाँद बावड़ी और हर्षद माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है. हर वर्ष यहाँ देश-विदेश से हजारों पर्यटक पहुँचते हैं और राजस्थान की इस प्राचीन विरासत का दर्शन करते हैं. यह मंदिर राजपूत स्थापत्य कला और गहरी जन-आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है.

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, हर्षद माता मंदिर का निर्माण आठवीं सदी में राजा जयचंद के शासनकाल में करवाया गया था. कहा जाता है कि जयचंद वंश के सात राजाओं ने यहाँ शासन किया था, और अंतिम राजा जयचंद ने स्वयं माता हर्षद की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी. यह मंदिर इस क्षेत्र की समृद्ध राजसी और धार्मिक विरासत को दर्शाता है.

आक्रमण और रहस्यमयी कथाइतिहास में वर्णित है कि मोहम्मद गौरी के आक्रमण के दौरान मंदिर को भारी नुकसान हुआ. उस समय यहाँ नीलम पत्थर की मूर्ति स्थापित थी, जिसके बारे में कई रहस्यमयी कथाएँ प्रचलित हैं. कहा जाता है कि जब भी कोई अनहोनी या अपराध होने वाला होता था, माता अपने भक्तों को पहले ही संकेत दे देती थीं. एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब कुछ चोर मूर्ति चोरी करने पहुँचे, तो माता की मूर्ति से आवाज़ आई – “श्रवण लाल सो रहा है या जाग रहा है?” यह सुनकर गाँव के श्रवण लाल दीपक लेकर मंदिर पहुँचे और चोर भाग गए. हालाँकि, बाद में चोरों ने मूर्ति की नाक खंडित कर दी, जिसके बाद वह मौन हो गई.

अधूरी मूर्ति, अटूट आस्थाआज भी मंदिर में माता की अधूरी मूर्ति स्थापित है, जो आक्रमण की कहानी कहती है. मंदिर परिसर में पत्थरों की बेजोड़ नक्काशी और स्थापत्य कला देखने को मिलती है, जो इसकी प्राचीनता का प्रमाण हैं. स्थानीय लोग आज भी माता की पूजा बड़े भाव से करते हैं. नवरात्र के अवसर पर यहाँ विशेष मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं. विदेशी पर्यटक भी आभानेरी घूमने आने पर माता हर्षद के दर्शन के लिए अवश्य आते हैं. श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से माँगी गई हर मनोकामना माता हर्षद अवश्य पूर्ण करती हैं.

Location :

Dausa,Dausa,Rajasthan

First Published :

November 10, 2025, 12:39 IST

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जब मूर्ति ने चोरों को दी थी चेतावनी, आभानेरी की चमत्कारी कथा!

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