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Sleep apnea increases the risk of brain stroke | ALERT : स्लीप एपनिया से 60 फीसदी बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

locationजयपुरPublished: Aug 27, 2023 11:25:12 pm

स्टैनफोर्ड विश्विद्यालय के वैज्ञानिकों का अघ्ययन (Study of scientists of Stanford University)

स्लीप डिसऑर्डर वाले लोगों में एट्रियल फाइब्रिलेशन विकसित होने की आशंका पांच गुना अधिक होती है। इसके कारण इनमें स्ट्रोक का खतरा भी 60 फीसदी अधिक होता है।

ALERT : स्लीप एपनिया से बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

ALERT : स्लीप एपनिया से बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

कैलिफोर्निया. स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने हाल ही एक अध्ययन में बताया कि स्लीप एपनिया (सोते समय कुछ पल के लिए सांस का बंद होना) से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिकों एक दशक में 20 से 50 वर्ष की उम्र के लगभग 17 लाख लोगों पर अध्ययन किया। इसमें पाया कि स्लीप डिसऑर्डर वाले लोगों में एट्रियल फाइब्रिलेशन विकसित होने की आशंका पांच गुना अधिक होती है। इसके कारण इनमें स्ट्रोक का खतरा भी 60 फीसदी अधिक होता है।
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि स्लीप एपनिया की वजह से उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह और अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों में स्लीप एपनिया की शुरुआत हेाती है, वे जीवनशैली में बदलाव कर इसे नियंत्रित कर सकते हैं, जैसे वजन कम करना, धूम्रपान या शराब यदि करते हैं तो इसे छोडऩा। जिनको ज्यादा समस्रूा है, वे सीएपीए मशीन का उपयोग कर सकते हैं।

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