सूदखोरों का जाल बन रहा काल, किसी ने जमीन हड़पी तो किसी ने रुपये, सरकारी अधिकारी ने कहा दुनिया को अलविदा

झुंझुनूं. झुंझुनूं शहर के चूरू रोड स्थित बीरबल मार्केट के बेसमेंट में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुरेश सैन की ओर से फंदा लगाकर दी गई जान से पूरा शहर हिल गया है. मृतक की जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है. झुंझुनूं एसपी के नाम लिखे इस सुसाइड नोट में सैन ने सात लोगों पर सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. सुसाइड नोट में सुरेश कुमार ने लिखा है कि सात लोगों ने उसे सूद पर पैसा देकर मानसिक रूप से परेशान कर दिया. इससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया है.
पुलिस ने शव को बीडीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है. परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है.
परिजनों का कहना है कि पुलिस जब तक नामजद सूदखोरों को गिरफ्तार नहीं करती तब तक वे शव नहीं उठाएंगे. सुरेश कुमार सैन का शव रविवार सुबह बीरबल मार्केट के बेसमेंट में पंखे की हुक से रस्सी पर लटका मिला था. सूचना पर एएसआई रतनलाल मीणा मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाया. तलाशी के दौरान शर्ट की जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला.
सुसाइड नोट में इन पर लगाया गया है आरोप1. सुधीर कटारिया: सूदखोर सुधीर कटारिया ने साजिश के तहत मेरी पत्नी के नाम की संपत्ति मात्र 45 लाख रुपये में हड़प ली. बदले में मेरी पत्नी और मेरे 5-5 खाली चेक और स्टाम्प ले लिए. खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए. शिकायत कोतवाली पुलिस को दी. लेकिन कटारिया ने पैसे देकर शिकायत निरस्त करवा दी. मुझे न्याय नहीं मिला इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं.
2. सुरेंद्र कुमार आनंदपुरिया: सुरेंद्र कुमार गांव आनंदपुरा हाल सैनिक नगर झुंझुनूं की दुकान बीरबल बाजार में है. उसने मेरे कार्यालय और एक दुकान पर कब्जा कर लिया है. मैंने इससे 5 लाख रुपये उधार लिए थे. इसके बदले में मैने 8 लाख रुपये दे दिए. लेकिन फिर भी मेरी दुकान और ऑफिस को खाली नहीं कर रहा है. वह 15 लाख रुपये की मांग कर रहा है. एक चेक इसके पास है. वह चेक भी नही दे रहा है. उसके विरुद्ध कार्रवाई कर मेरी दुकान और ऑफिस को खाली करवाकर मेरे परिवार को दिलवाया जाए.
3. देवकरण फगेड़िया: चूरू निवासी देवकरण फगेड़िया सम्राट हीरो होंडा एजेंसी चूरू से मैंने 40 लाख रुपए उधार लिए थे. इसके एवज में 3 खाली चेक, स्टाम्प लिए। 4 दुकानों की रजिस्ट्री करवा ली थी. मैने संपूर्ण राशि लौटा दी. फिर भी मेरे चेक व दुकान की रजिस्ट्री नहीं दे रहा है. 70 लाख रुपये भरकर चैक बाउंस करवा लिया. मेरा चैक वापस दिलवाया जाए और रजिस्ट्री रद्द करवाई जाये.
4. ताराचंद भींचर: ताराचंद मारीगसर से मैने रुपए उधार लिए थे. वो मूल राशि से भी ज्यादा मैंने लौटा दी. मेरी परिस्थिति खराब होने से इतना ब्याज देने में सक्षम नहीं हूं. ब्याज का दबाव बनाता है. इससे मैं मानसिक रूप से परेशान हूं.
5. यूनुस ठेकेदार: यूनुस ठेकेदार ने मेरे से जबरदस्ती डरा धमकाकर 35 लाख रुपये का चेक ले लिया और उसे बाउंस करवा कर कोर्ट में लगा दिया है. यूनुस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेरा चेक वापस दिलाएं.
6. बीजू अणगासरः बीजू अणगासर चाय वाले को मैने पैसे वापस लौटा दिए. लेकिन उसने मेरा चेक वापस नहीं किया और चेक में 6 लाख रुपये भरकर कोर्ट में लगा दिया. वह मेरे साथ गलत व्यवहार कर रहा है.
7. ताराचंद: ताराचंद कुड़ली वाले से मैने 5 लाख रुपए उधार लिए हैं. वे मुझे चुकाने हैं.
8. रामनिवास महला: रामनिवास महला (जानी) ने मेरी चार बीघा जमीन गिरवी रखी है. 3 साल का करार था तथा ब्याज 1 रुपये सैंकड़ा था. अब इसकी नीयत खराब हो गई. मेरी जमीन नहीं दे रहा.
मृतक के भाई ने दर्ज कराया केसइस संबंध में सुरेश कुमार के भाई राजेंद्र कुमार सैन ने सुधीर कटारिया, सुरेंद्र कुमार आनंदपुरिया, देवकरण फगेड़िया, ताराचंद भींचर, यूनुस खान ठेकेदार, बीजू उर्फ विजय कुमार चायवाला, रामनिवास महला उर्फ जानी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. आरोप लगाया कि इनके कारण ही भाई ने सुसाइड किया है.



