Rajasthani Chutney Recipe | Healthy Sour Sweet Fruit | Digestive Remedy Fruit | Chutney Benefits | Stomach Problem Relief | Natural Home Remedy

Last Updated:November 26, 2025, 14:44 IST
Rajasthani Chutney Recipe: यह छोटा सा खट्टा-मीठा फल पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इसकी चटनी खाने से गैस, अपच, पेट दर्द और भारीपन जैसी समस्याओं में तुरंत राहत मिलती है. यह पाचन में सुधार करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है. आयुर्वेद में इसे पेट की समस्याओं का प्राकृतिक और सुरक्षित इलाज माना जाता है.
नागौर. डासरिया एक छोटा लेकिन सेहत से भरपूर फल है, जो कुछ सीमित समय तक ही बाजार में मिलता हैं. जिसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है. हरे और हल्के पीले रंग के यह फल राजस्थान और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में खूब मिलते हैं. नन्हें-नन्हें फलों में पोषण का खजाना छिपा होता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. महेश कुमार ने बताया कि इनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी खनिज पाए जाते हैं. यही कारण है कि यह फल पाचन तंत्र को दुरुस्त करने, कब्ज से राहत देने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है.
आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, डासरिया का नियमित सेवन हृदय के लिए भी फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में इसे कच्चा फल, सुखाकर या चटनी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. डासरिया की खट्टी-मीठी चटनी का स्वाद बहुत शानदार होता है. यह हर किसी को पसंद आती है.
डासरिया चटनी सेवन के फायदेयह चटनी स्वाद में तो लाजवाब होती ही है, साथ ही पाचन शक्ति को भी मजबूत बनाती है. गुड़ और डासरिया का मेल शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ खून की कमी को भी पूरा करता है. इसके सेवन से पेट साफ रहता है और एसिडिटी जैसी समस्या से राहत मिलती है. जिन लोगों को भूख नहीं लगती, उनके लिए यह चटनी एक प्राकृतिक भूख बढ़ाने वाली दवा साबित हो सकती है. साथ ही, इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर में गर्मी को संतुलित करते हैं और मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं.
कैसे बनती है डासरिया की पारंपरिक चटनीगृहिणी मीरा देवी ने बताया कि डासरिया की चटनी बनाना बेहद आसान है और इसमें खास स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. सबसे पहले डासरिया फलों को धोकर उबाल लिया जाता है. जब ये नरम हो जाएं, तो इन्हें मसाले के साथ कूटकर या पीसकर चटनी तैयार की जाती है. पारंपरिक तरीके में इसमें गुड़, लाल मिर्च पाउडर, नमक, जीरा और थोड़ी सी हींग मिलाई जाती है. इसमें सौंफ और धनिया पाउडर डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. उबली डासरिया और मसालों का यह खट्टा-मीठा मेल खाने के साथ-साथ लंबे समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है.
Jagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
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Nagaur,Rajasthan
First Published :
November 26, 2025, 14:44 IST
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खट्टा-मीठा लेकिन कमाल का! यह छोटा सा फल है पेट की परेशानियों का रामबाण इलाज



