राजस्थान पंचायत चुनाव, कांग्रेस ने उठाया सवाल, क्या बीजेपी अंता उपचुनाव से डर गई?

Last Updated:December 09, 2025, 15:49 IST
Rajasthan Panchayat Elections Politics : राजस्थान में पंचायत चुनावों का मुद्दा ठंडा होने की बजाय लगातार गरम होता जा रहा है. कांग्रेस ने अब बीजेपी की भजनलाल सरकार की मंशा पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. राजस्थान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसा है कि बीजेपी अंता उपचुनाव के परिणामों से डर गई है?
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राजस्थान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा बोले-हम इस सरकार को मजबूर करेंगे.
जयपुर. राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सर्दी के मौसम में भी सियासी पारा गरम हो रहा है. सूबे की बीजेपी की भजनलाल सरकार पहले अक्टूबर-नवंबर और फिर दिसंबर-जनवरी में पंचायत-निकाय चुनाव कराने की बात कर रही थी. लेकिन अब वह अप्रैल-मई में चुनाव की बात कर रही है. पंचायत चुनाव की बार-बार बदलती तारीख ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस को सवाल उठाने का बड़ा मौका दे दिया है. विपक्ष ने अब सरकार की चुनाव करवाने की मंशा पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि अंता उपचुनाव के नतीजों में जनता ने सरकार को स्पष्ट संदेश दे दिया है. भाजपा अंता चुनाव परिणामों से डरी हुई है.
विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ कराने के साथ ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ भी कराना चाह रही है. यही वजह है कि राजस्थान में कमोबेश सभी पंचायत समितियों, जिला परिषद सदस्य और नगर निकाय में जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं. राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव में हो रही देरी के मामले में सत्ता पक्ष पर विपक्ष लगातार हमलावर होता जा रहा है.
डोटासरा बोले-हम इस सरकार को मजबूर करेंगेराजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर जानबूझकर इन्हें लटकाने का आरोप लगाया. डोटासरा ने कहा कि पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार चुनाव नहीं करवा रही है. सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. सरकार हाईकोर्ट का आदेश भी मानने को तैयार नहीं है. लेकिन हम इस सरकार को मजबूर करेंगे
वार्ड परिसीमन में भी कई अनियमितताएं सामने आई हैंबकौल डोटासरा कांग्रेस इसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शहरी और ग्रामीण निकायों को ब्यूरोक्रेसी के भरोसे चलाना चाहती है ताकि जनप्रतिनिधियों का दखल सीमित हो सके. ओबीसी आरक्षण के लिए बनाए गए कमिश्नर को संसाधन उपलब्ध न कराने को लेकर भी डोटासरा ने सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को धीमा कर रही है. वार्ड परिसीमन को लेकर भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं.
खर्रा बोले- मैं ना तो मैं चिकित्सक हूं और ना वैद्य हकीमवहीं कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भजनलाल सरकार के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कांग्रेस बिना पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण दिए बिना निकाय एवं पंचायत चुनाव करवाना चाहती है तो खुलकर सामने आए. कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरक्षण लागू किया जा सकता है. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अपना कार्य गंभीरता से कर रहा है और विस्तृत प्रक्रिया में समय लगना स्वाभाविक है. खर्रा ने कहा कि प्रदेश में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत चुनाव होना है और वो होकर रहेगा. कांग्रेसियों के पेट में क्या दर्द है? इसका मुझे पता नहीं है. बकौल खर्रा मैं ना तो मैं चिकित्सक हूं और ना वैद्य हकीम हूं जो उनके दर्द का इलाज कर दूं.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 09, 2025, 15:49 IST
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राजस्थान पंचायत चुनाव, कांग्रेस का सवाल, क्या बीजेपी अंता उपचुनाव से डर गई?



