शेखावाटी में नया आलू लेट, दाम हुए डबल! खेतों में फसल अधूरी, रसोई पर पड़ेगा सीधा असर

Last Updated:November 07, 2025, 16:47 IST
Sikar News Hindi : शेखावाटी क्षेत्र में इस बार नया आलू बाजार में करीब एक माह की देरी से पहुंचेगा, जिससे आलू के दाम आसमान छूने लगे हैं. सीकर, झुंझुनूं और चूरू मंडियों में आवक घटी है और मांग बढ़ने से खुदरा बाजार में कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं. देर से फसल और मौसम की मार से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है.
सीकर : शेखावाटी क्षेत्र में इस बार नया आलू बाजार में करीब एक माह की देरी से पहुंचेगा. इस देरी का सीधा असर आलू के भावों पर पड़ने लगा है.आमतौर पर दीपावली से पहले सीकर, झुंझुनूं और चूरू की मंडियों में नया आलू बिकना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार खेतों में फसल अभी तैयार नहीं हुई है. ऐसे में नवंबर के आखिरी सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह तक ही नया आलू बाजार में आने की संभावना जताई जा रही है.

इस देरी के चलते पुराने आलू का स्टॉक लगभग खत्म होने की स्थिति में है. वहीं, त्योहार और विवाह सीजन के चलते मांग लगातार बढ़ रही है. इससे मंडियों में आलू के भाव में तेजी आनी शुरू हो गई है. सीकर सब्जी मंडी में आलू के थोक दाम बढ़ने से खुदरा बाजार में भी ग्राहकों की जेब पर असर पड़ रहा है. दुकानदारों के अनुसार फिलहाल आलू के भाव पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुने हो चुके हैं.

व्यापारियों का कहना है कि जहां मंडियों में रोजाना 100 से 150 क्विंटल नया आलू आता था, वहीं इस बार आवक घटकर सिर्फ 20 से 40 क्विंटल रह गई है. आवक में इस भारी कमी के कारण आलू के दामों में 20 से 25 प्रतिशत तक तेजी बनी रहने की संभावना है. बढ़े हुए दामों से उपभोक्ताओं की रसोई का बजट गड़बड़ा सकता है, लेकिन किसानों को इसका फायदा जरूर मिलेगा.

किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार और कृषि लागत बढ़ने से बुवाई देर से शुरू हुई थी. पंजाब और हरियाणा में हुई बेमौसम बारिश ने वहां के आलू उत्पादन पर बुरा असर डाला है. इन राज्यों से ही शेखावाटी क्षेत्र में नया आलू पहले आता था. इस बार वहां फसल कमजोर रहने से आपूर्ति में कमी आई है. इससे भावों में उछाल आना शुरू हो गया है. पिछले साल दीपावली के समय सीकर मंडी में नया आलू 18 से 22 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा था, जबकि इस बार शुरुआती दरें 55 से 60 रुपए किलो तक पहुंच गई हैं.

खुदरा बाजारों में अच्छी गुणवत्ता वाले पुराने आलू के भाव भी 18 से 20 रुपए किलो तक चल रहे हैं. ऐसे में ग्राहकों के लिए रोजमर्रा की रसोई का खर्च बढ़ना तय है. सीकर के फतेहपुर रोड स्थित मोचीवाड़ा निवासी गृहिणी मीना टांक ने बताया कि इस बार नया आलू कम मात्रा में आ रहा है, जिससे दामों में तेजी आई है. उन्होंने कहा कि आलू जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जी के महंगे होने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है. अब परिवारों को सीमित मात्रा में ही खरीद करनी पड़ रही है.

खुदरा विक्रेता गिरधारी सैनी का कहना है कि हल्की सर्दी की दस्तक के साथ नया आलू बाजार में दिखने लगा है, लेकिन मात्रा बहुत कम है. पिछले साल की तुलना में इस बार नया आलू नाममात्र का ही आ रहा है. थोक मंडी में इसकी कीमत 55 से 60 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है. अगर अगले दो हफ्तों में आवक नहीं बढ़ी, तो दामों में और उछाल आ सकता है.
First Published :
November 07, 2025, 16:47 IST
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शेखावाटी में नया आलू लेट, दाम डबल! खेत अधूरे, रसोई का बजट डगमगाया



