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अलवर: खैरथल-तिजारा के खेतों में जिंक, आयरन, पोटाश की कमी

Last Updated:November 16, 2025, 14:59 IST

खैरथल-तिजारा जिले के करीब 19,000 किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच में आयरन, जिंक, पोटाश और जैविक कार्बन की कमी पाई गई है. मिट्टी की लगातार गिरती उर्वरता के कारण फसल की उपज और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. 60% मिट्टी में जिंक और 45% में आयरन की कमी दर्ज की गई है. रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की छारीयता बढ़ रही है, जिससे फसलों की जड़ों द्वारा पोषण अवशोषण कम हो रहा है.

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अलवर. खैरथल-तिजारा जिले के किसानों के खेतों की मिट्टी की नियमित जांच की जा रही है. मात्र 5 रूपए में होने वाली इस जांच में पता चल रहा है कि यहां की मिट्टी धीरे–धीरे अपनी उर्वरता (उपजाऊ क्षमता) खोने लगी है. कृषि विभाग से हुए कुलसी में पता चला कि यहां की मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी पाई जा रही है. हाल ही में जिले में करीब 19 हजार किसानों के खेतों की मिट्टी से लिए गए नमूनों की जांच में आयरन, जिंक, पोटाश, जैविक कार्बन की कमी देखने को मिल रही है. किसानों ने अगर इन समस्याओं से निजात नहीं पाई तो खेत उपजापन खो देगा.

खेतों की मिट्टी की की जा रही जांच में 60% जिंक और आयरन की 45% तक की कमी दर्ज की गई है. इसके अलावा फास्फोरस की मात्रा भी कम पाई गई है. जबकि पोटाश और जैविक कार्बन की कमी ने मिट्टी की गुणवत्ता को और कमजोर कर दिया है. इससे न केवल मिट्टी की उपजापन खत्म हो रही है, बल्कि किसानों को नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में किसानों को अपने खेतों की उचित देखभाल करने की आवश्यकता है और खेतों में रासायनिक और कीटनाशको का उपयोग कम करें.

मिट्टी की गुणवत्ता रासायनिक खादों से हो रही प्रभावित

किसानों के खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से प्रभावित हो रही है. मिट्टी की गुणवत्ता खराब होने के कारण किसने की फसल की उपज घट जा रही है और उत्पादन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है. जिले की मिट्टी में छारीयता लगातार बढ़ रही है, जिससे फसलों की जड़ों में पोषण अवशोषण की क्षमता घट रही है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खेती करने से पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच नजदीकी सॉइल लब में जांच कराए. इससे किसान को पता चल जाएगा कि खेत की मिट्टी में क्या कमी है.

किसान अपने खेत की मिट्टी को सही करने के लिए देसी गोबर का सड़ा हुआ खाद डाले. अपने खेत में अलग-अलग फसल करते रहे एक ही फसल की बुवाई ना करें. खेत में वर्मी कंपोस्ट और हरी खाद का प्रयोग करें. साथ ही हर साल खेत की मिट्टी की जांच करवानी आवश्यक है. खेत में जैविक या संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें. जिन खेतों में जिंक, आयरन या कार्बन की कमी पाई गई है वहां माइक्रो न्यूट्रिएंट मिश्रण का छिड़काव करें.

Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW… और पढ़ें

Location :

Alwar,Rajasthan

First Published :

November 16, 2025, 14:59 IST

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अलवर में खैरथल-तिजारा के खेतों में जिंक, आयरन, पोटाश की कमी, पढ़िए पूरी खबर

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