महाराष्ट्र और गुजरात पर निर्भरता खत्म, अलवर में किसान खुद तैयार कर रहे प्याज का बीज, कमाई भी हो रही तगड़ी

Last Updated:March 11, 2025, 19:09 IST
Alwar Onion Cultivation: राजस्थान का अलवर लाल प्याज के लिए मशहूर है. यहां के किसान पहले महाराष्ट्र और गुजरात से बीज लाकर खेती करते थे. बीज की कीमत अधिक होने के चलते यहां के किसानों ने खुद से प्याज का बीज तैयार …और पढ़ेंX

किसान अपने खेत में खुद तैयार कर रहे प्याज का बीज
हाइलाइट्स
अलवर के किसान खुद प्याज का बीज तैयार कर रहे हैं.महाराष्ट्र और गुजरात पर निर्भरता खत्म हो गई है.बीज की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों को अधिक मुनाफा हो रहा है.
अलवर. राजस्थान का अलवर लाल प्याज के लिए मशहूर है. यहां के किसान बड़े पैमाने पर प्याज की खेती करते हैं. अलवर के अलावा खैरथल, तिजारा, बहरोड़, कोटकासिम सहित किशनगढ़ बास बेल्ट में प्याज का बड़ा रकबा लगता है. जिले में दोबारा प्याज लगाने के लिए किसान कण बीज खुद तैयार कर रहे हैं, जिससे उनको मोटा मुनाफा होगा. इसी साल 10 से 15 अगस्त से प्याज लगनी शुरू हो जाएगी, जिसकी किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है.
खुद से बीज तैयार कर रहे अलवर के किसान
किसानों ने बताया कि घर का बीज कण होने से प्याज अच्छी तैयार हो जाती है, जिससे उसका मार्किट में दाम अच्छा मिलता है. अभी से अलवर के किसानों ने प्याज का बीज तैयार करना शुरू किया है. किसानों के द्वारा हजारों क्विंटल बीज तैयार किया जा रहा है. यहां के किसान बेहतर गुणवत्ता वाले प्याज की खेती करते हैं. इससे किसानों को बंपर पैदावार मिल जाती है. अलवर के किसान अब प्याज के बीज के लिए महाराष्ट्र पर निर्भर नहीं हैं. इतना ही नहीं अब प्याज का बीज राजस्थान के अन्य जिलों के साथ हरियाणा में भी सप्लाई होता है. इससे किसान को डबल फायदा हो रहा है.
मंहगा बीज मिलने की वजह से उठाया कदम
किसानों ने बताया कि पहले प्याज का कण अन्य राज्यों से आता था, जो किसानों को काफी महंगा पड़ता था. इसको लेकर यहां के किसान खुद से ही प्याज का बीज तैयार करने लगे हैं. किसान हवा सिंह यादव ने बताया कि 1 बीघा खेत तैयार कण से 10 बीघा खेत में प्याज लगा सकते हैं. खेत में प्याज का कण तैयार करने में करीब दो से ढाई महीने का समय लगता है. इसके बाद किसान कण को खेत में 2 महीने तक रखने के बाद खेतों में लगने शुरू हो जाएंगे.
महाराष्ट्र और गुजरात पर निर्भरता खत्म
किसान हवा सिंह यादव, फराज खान, सिराजुद्दीन, जाकिर खान सहित अन्य किसानों ने बताया कि पहले काफी परेशानी होती थी, क्योंकि महाराष्ट्र और गुजरात से महंगा प्याज का बीज मिलता था. बीज की क्वालिटी के बारे में किसान को पता नहीं रहता था. ऐसे में अगर फसल में रोग लग जाए तो किसान को काफी नुकसान उठाना पड़ता था. अब किसान अलवर में ही बेहतर क्वालिटी का बीज तैयार कर रहे हैं. इससे प्याज की फसल भी बेहतर होने लगी है. अब महज 5 प्रतिशत बीज ही महाराष्ट्र और गुजरात से आता है. इसके साथ ही इन राज्यों पर निर्भरता भी खत्म हो गई है.
Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
March 11, 2025, 19:08 IST
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अलवर में किसान खुद तैयार कर रहे प्याज का बीज, कमाई भी हो रही तगड़ी



