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Last Updated:November 25, 2025, 14:57 IST
Woman Candidate Master Kiyana: 10 वर्षीय कियाना परिहार ने भारतीय शतरंज में नया कीर्तिमान बनाया है. फिडे ने उन्हें ‘वुमन कैंडिडेट मास्टर’ का खिताब प्रदान किया है, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ा सम्मान है. कियाना लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं और अब उनका अगला लक्ष्य ग्रैंड मास्टर बनना है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और कोच बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं.
Woman Candidate Master Kiyana: 10 वर्षीय कियाना परिहार ने भारतीय शतरंज में नया कीर्तिमान बनाया है. फिडे ने उन्हें ‘वुमन कैंडिडेट मास्टर’ का खिताब प्रदान किया है, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ा सम्मान है. कियाना लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं और अब उनका अगला लक्ष्य ग्रैंड मास्टर बनना है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और कोच बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. खेलो में बेटियों का परचम लहराने वाले उदयपुर ने एक और बड़ा गौरव हासिल किया है. शूटिंग, क्रिकेट और स्केटिंग के बाद अब शतरंज में भी शहर की होनहार बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
मात्र 10 साल की कियाना परिहार ने 1818 फिडे रेटिंग प्राप्त कर वुमन कैंडिडेट मास्टर की उपाधि हासिल की है9 इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (फिडे) ने आधिकारिक रूप से उन्हें यह खिताब प्रदान करते हुए प्रमाणपत्र जारी किया है। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली कियाना राजस्थान की पहली बेटी बन गई है.
वुमन कैंडिडेट मास्टर के लिए दावा पेश कियाकियाना के माता-पिता जितेंद्र परिहार और डॉ. मनीशा गहलोत का कहना है कि यह सफर बेहद कठिन लेकिन यादगार रहा. साल 2023 में कियाना ने एशियन चैंपियन बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर दी थी और इसी उपलब्धि के बाद उन्होंने वुमन कैंडिडेट मास्टर के लिए दावा पेश किया था. दो साल की मेहनत और लगातार प्रगति के बाद 2025 में आखिरकार उन्हें यह उपाधि मिल ही गई। उपाधि मिलने के बाद कियाना ने खुशी जताई और कहा कि अब उनका लक्ष्य देश की सबसे कम उम्र की ग्रैंड मास्टर बनना है.इस सपने को पूरा करने के लिए वह रोजाना 8 से 10 घंटे तक विभिन्न फॉर्मेट में शतरंज का अभ्यास कर रही हैं.
वुमन कैंडिडेट मास्टर का खिताबशतरंज जगत में वुमन कैंडिडेट मास्टर का खिताब बेहद खास माना जाता है. इसे इंटरनेशनल चेस फेडरेशन द्वारा उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जो अंतरराष्ट्रीय रेटिंग में मजबूत प्रदर्शन करते हैं. आमतौर पर इस खिताब के लिए खिलाड़ी को 2000 फिडे रेटिंग तक पहुंचना जरूरी होता है. यह उपाधि मिलने के बाद खिलाड़ी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आसानी से प्रवेश मिलता है और स्कॉलरशिप, फंडिंग तथा स्पॉन्सरशिप की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं.
कियाना की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है. उन्होंने शतरंज खेलना कोरोना काल में सिर्फ 4 साल की उम्र में शुरू किया था. स्थानीय प्रशिक्षकों से बुनियादी प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने अहमदाबाद के विशेषज्ञ कोच से ट्रेनिंग शुरू की. कियाना ने बहुत कम समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया.वह एशियन चैंपियन बनने के साथ ही वर्ल्ड कैडेट चेस चैंपियनशिप, वर्ल्ड यूथ ब्लिट्ज और कॉमनवेल्थ चेस चैंपियनशिप में भी पदक जीत चुकी हैं.
कॉमनवेल्थ चेस चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने अंडर-10 गर्ल्स ब्लिट्ज कैटेगरी में गोल्ड और क्लासिकल फॉर्मेट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, एशियन यूथ चेस चैंपियनशिप में अंडर-8 और अंडर-10 में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए. राष्ट्रीय अंडर-9 चैंपियनशिप 2024 में भी वे विजेता रहीं.
उदयपुर के खेल जगत में खुशी की लहरकियाना की उपलब्धि से उदयपुर के खेल जगत में खुशी की लहर है. परिवार, कोच और खेल विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कियाना इसी जोश और अनुशासन के साथ आगे बढ़ीं, तो वह निश्चित रूप से देश को सबसे कम उम्र की ग्रैंड मास्टर देकर इतिहास रचेंगी.
Jagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
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Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
November 25, 2025, 14:57 IST
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भारत की नन्ही चेस स्टार कियाना परिहार ने रचा इतिहास, अब ग्रैंड मास्टर बनने का



