राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई! 7 दिनों में 552 से अधिक एक्शन, 76 FIR सहित 17 गिरफ्तारियां

जयपुर. राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ राज्य सरकार का सख्त अभियान लगातार जारी है. बीते सात दिनों में खनिज विभाग और संबंधित एजेंसियों ने अवैध खनिज गतिविधियों पर कुल 552 से अधिक कार्रवाइयां की हैं. इस अभियान के तहत अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अभियान के दौरान कुल 76 एफआईआर दर्ज की गईं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 25 एक्सक्वेटर, जेसीबी, क्रेन सहित कुल 512 वाहन और उपकरण जब्त किए गए. इन कार्रवाइयों से 2 करोड़ 88 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराया गया. यह अभियान मुख्य रूप से अरावली क्षेत्र और अन्य संवेदनशील जिलों में केंद्रित है जहां अवैध खनन की शिकायतें अधिक आती हैं.
सोमवार को जयपुर जिले में विशेष रूप से सक्रियता दिखाई गई जहां अवैध खनिज परिवहन करते पकड़े गए 8 वाहनों को जब्त किया गया. जयपुर के चाकसू क्षेत्र में खनिज गिट्टी से लदे 2 डंपर पकड़े गए. दौलतपुरा के पास मेसेनरी स्टोन से भरी 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं. इसी तरह सामोद के हथनोदा क्षेत्र में मेसेनरी स्टोन की 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी गईं. सभी जब्त वाहनों को संबंधित पुलिस थानों के सुपुर्द कर दिया गया ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
जयपुर में 65 ठिकानों पर की गई कार्रवाई
जयपुर में खनिज इंजीनियर कार्यालय ने सर्वाधिक सक्रियता दिखाते हुए 65 से अधिक कार्रवाइयां कीं. भीलवाड़ा जिले में 61 कार्रवाइयां दर्ज की गईं जबकि अजमेर में 36 और पाली में 32 कार्रवाइयां हुईं. ब्यावर क्षेत्र में 28 कार्रवाइयां की गईं तथा उदयपुर और टोंक जिलों में 23-23 कार्रवाइयां दर्ज हुईं. इन सभी चिन्हित जिलों में अवैध खनन के खिलाफ अभियान बिना रुके जारी है ताकि खनिज माफिया पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके.
प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने सचिवालय में इस अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में उन्होंने फील्ड अधिकारियों को और अधिक सक्रिय होकर कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने जोर दिया कि केवल परिवहन पर ही नहीं बल्कि अवैध खनन के स्रोतों तक पहुंचकर मशीनरी जब्त करने जैसी सख्त कार्रवाइयां की जाएं. जयपुर एसएमई एन.एस. शक्तावत की टीम ने अभियान में सर्वाधिक प्रभावी भूमिका निभाई है.
अलवर में 14 पर एफआईआर और 10 लोग गिरफ्तार
जयपुर के खनिज इंजीनियर श्याम कापड़ी ने व्यक्तिगत रूप से 65 कार्रवाइयां कीं और 8 एफआईआर दर्ज कराईं. उनकी टीम ने 2 एक्सक्वेटर और 68 वाहन जब्त किए तथा जयपुर क्षेत्र में 50 लाख रुपये से अधिक की जुर्माना राशि वसूल की. इसी तरह अलवर के खनिज इंजीनियर मनोज कुमार ने 34 कार्रवाइयां करते हुए 2 एक्सक्वेटर और 21 वाहन जब्त किए. अलवर में 14 एफआईआर दर्ज हुईं और 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई. कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में भी अवैध खनन पर कार्रवाई निरंतर जारी है.
टोंक जिले में सर्वाधिक 17 एफआईआर दर्ज की गईं जो अभियान की गंभीरता को दर्शाता है. भीलवाड़ा में 61 कार्रवाइयों के दौरान 3 एक्सक्वेटर और 63 वाहन जब्त किए गए. यहां 26 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा 339 टन अवैध खनिज जब्त हुआ. जोधपुर एसएमई देवेन्द्र गौड़ के मार्गदर्शन में पाली-सोजत क्षेत्र में 32 कार्रवाइयां की गईं जिनमें 3 एक्सक्वेटर और 27 वाहन जब्त हुए.
अजमेर के खनिज इंजीनियर ने 34 कार्रवाइयां करते हुए 29 वाहन जब्त किए.
नागौर के 17 ठिकानों पर की गई कार्रवाई
नागौर में खनिज इंजीनियर द्वारा 17 कार्रवाइयां की गईं. भरतपुर जिले में 12 कार्रवाइयों के दौरान 10,949 टन खनिज जब्त किया गया जो बड़ी मात्रा में अवैध भंडारण को उजागर करता है. अभियान के मुख्यालय स्तर पर अतिरिक्त निदेशक डॉ. धर्मेन्द्र लोहार द्वारा समन्वय किया जा रहा है ताकि सभी जिलों में एकसमान कार्रवाई सुनिश्चित हो. राज्य सरकार ने अवैध खनन पर सख्ती बनाए रखने के स्पष्ट संकेत दिए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चल रहे इस अभियान से न केवल राजस्व की वसूली बढ़ी है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था को भी मजबूती मिली है. अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और आमजन से भी अवैध गतिविधियों की शिकायत करने की अपील की जा रही है.



