| Vikram Bhatt Fraud Case |

Last Updated:January 05, 2026, 16:26 IST
Vikram Bhatt Case Update : राजस्थान हाईकोर्ट ने विक्रम भट्ट की एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज की, फिल्म निर्माण घोटाले की जांच जारी रहेगी, किसी भी आरोपी को राहत नहीं मिली है. यह मामला उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें फिल्म निर्माण के दौरान वित्तीय अनियमितताओं, गबन, फर्जी बिलों के जरिए रकम निकालने और धन के कथित डायवर्जन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
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चन्द्रशेखर व्यास/जोधपुर. जोधपुर से एक बड़ी और चर्चित खबर सामने आई है, जहां फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. फिल्म निर्माण से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए एफआईआर रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद अब इस मामले में जांच आगे जारी रहेगी और विक्रम भट्ट सहित अन्य आरोपियों को फिलहाल किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है. यह फैसला न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि कानूनी हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है.
यह मामला उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें फिल्म निर्माण के दौरान वित्तीय अनियमितताओं, गबन, फर्जी बिलों के जरिए रकम निकालने और धन के कथित डायवर्जन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में यह दलील दी गई थी कि एफआईआर दुर्भावनापूर्ण है और इसे रद्द किया जाना चाहिए. हालांकि अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने माना कि मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध के तत्व मौजूद हैं, जिनकी जांच जरूरी है.
विक्रम भट्ट मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुखराजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज करने से पहले विधिसम्मत प्रारंभिक जांच की गई थी. अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से यह संकेत मिलता है कि फिल्म निर्माण से जुड़े फंड के इस्तेमाल में गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं. कोर्ट ने यह भी माना कि आरोप केवल अनुमान या शंका पर आधारित नहीं हैं, बल्कि प्रथम दृष्टया गबन, फर्जी बिलिंग और धन को अन्यत्र डायवर्ट करने जैसे गंभीर तथ्यों की ओर इशारा करते हैं. ऐसे में इस स्तर पर एफआईआर को रद्द करना न्यायोचित नहीं होगा.
राहत से इनकार, जांच को हरी झंडीहाईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और अन्य सह-आरोपियों को कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में पहले दी गई सभी अंतरिम राहतें अब समाप्त मानी जाएंगी. इसका सीधा अर्थ यह है कि जांच एजेंसियां अब बिना किसी कानूनी अड़चन के मामले की गहन जांच कर सकेंगी. कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि आरोप किस हद तक सही हैं.
भट्ट दंपति की बढ़ीं कानूनी मुश्किलेंइस फैसले के बाद अब संबंधित जांच एजेंसियां कथित घोटाले की परत-दर-परत जांच करेंगी. जांच में यह देखा जाएगा कि फिल्म निर्माण के लिए प्राप्त धन का उपयोग किन मदों में किया गया, क्या फर्जी बिलों के जरिए पैसे निकाले गए और क्या उस राशि को किसी अन्य उद्देश्य के लिए डायवर्ट किया गया. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में तथ्यों की गहन जांच बेहद जरूरी है और जांच को बीच में रोकना उचित नहीं होगा.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
January 05, 2026, 16:22 IST
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विक्रम भट्ट केस में हाईकोर्ट सख्त, FIR रद्द करने से इनकार,खुलेगी घोटाले की परत



