आखिर कौन हैं ये लोग? अपनी कमाई छोड़कर दिन-रात करते हैं ऐसा काम, देखने वाले हैरान! जानें पूरी कहानी

Last Updated:November 20, 2025, 17:28 IST
Bharatpur News : भरतपुर में श्री राधा कृष्ण गौ सेवा समिति पिछले चार वर्षों से अपनी आय और पेंशन का हिस्सा निकालकर बीमार, घायल और बेसहारा गौवंश की सेवा कर रही है. समिति के सदस्य चारा, दवाओं और उपचार की व्यवस्था के साथ जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सकों को भी निजी खर्च पर बुलाते हैं. निस्वार्थ सेवा का यह अभियान शहर में करुणा और मानवीयता का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है. स्थानीय लोगों के समर्थन से संस्था और अधिक गौवंश तक सहायता पहुंचाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है.
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भरतपुर. भरतपुर जैसे शहर में जहां आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग अपने लिए समय निकालना भी कठिन समझते हैं, वहीं श्री राधा कृष्ण गौ सेवा समिति ने निस्वार्थ सेवा की ऐसी मिसाल पेश की है जो समाज के लिए प्रेरणा बन रही है. समिति के सदस्य पिछले चार वर्षों से अपनी पेंशन और आय का हिस्सा निकालकर गौवंश की सेवा में लगे हुए हैं. सेवा का यह भाव केवल दान नहीं बल्कि समाज में करुणा, संवेदना और मानवीयता को मजबूत करने का अद्भुत प्रयास बन गया है. इसी निस्वार्थ समर्पण के कारण यह संस्था आज शहर में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है.
समिति के अध्यक्ष शिवकांत शर्मा ने बताया कि संस्था की शुरुआत कुछ लोगों द्वारा छोटे स्तर पर की गई पहल से हुई थी, लेकिन आज यह अभियान भरतपुर में सेवा और संवेदना का मजबूत संदेश बन चुका है. समिति के सभी सदस्य हर महीने अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा गायों के चारे, दवाओं, उपचार और आश्रय की व्यवस्था में देते हैं. उनका मानना है कि सेवा का वास्तविक अर्थ बिना किसी स्वार्थ के मदद करना है और यही भावना इस संस्था की नींव को मजबूत बनाए हुए है.
गौवंश की देखभाल में समिति के प्रयासगौवंश की सेवा केवल भोजन कराने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कई बार घायल, बीमार या बेसहारा पशुओं को तुरंत उपचार की जरूरत होती है. ऐसे समय में समिति के सदस्य बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर चिकित्सा की व्यवस्था कराते हैं. कई बार वे अपने निजी खर्च पर पशु चिकित्सकों को बुलाकर उपचार करवाते हैं ताकि किसी भी गौवंश की जान जोखिम में न पड़े. समिति के सदस्यों का कहना है कि सेवा के दौरान प्राप्त मानसिक शांति और संतोष ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है.
सेवा से मिलने वाला संतोष और समाज का समर्थनअक्सर जब कोई बेसहारा गाय स्वस्थ होकर दोबारा खड़ी हो जाती है तो वह दृश्य समिति के सदस्यों के लिए किसी सम्मान से कम नहीं होता. उनका विश्वास है कि समाज में करुणा और सहयोग की भावना तभी बढ़ेगी जब लोग स्वयं छोटे-छोटे प्रयासों से बदलाव की शुरुआत करेंगे. स्थानीय लोगों का इस सेवा कार्य को निरंतर समर्थन मिल रहा है और यही विश्वास समिति को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी शक्ति है. संस्था का लक्ष्य आने वाले समय में और अधिक बेसहारा पशुओं तक सहायता पहुंचाने का है ताकि किसी भी गौवंश को भूखा, बीमार या असहाय न रहना पड़े.
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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Location :
Bharatpur,Rajasthan
First Published :
November 20, 2025, 17:28 IST
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कौन हैं ये लोग? अपनी कमाई छोड़कर दिन-रात करते हैं ऐसा काम, देखने वाले हैरान!



