चिकन-मटन का ये फेवरेट मसाला! कर देगा हर टाइप का डायबिटीज कंट्रोल, हार्ट और बीपी में भी कारगर

Last Updated:December 07, 2025, 16:05 IST
Benefits Of Eating Garlic : लहसुन को आमतौर पर चिकन-मटन का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला माना जाता है, लेकिन यही छोटा-सा किचन इंग्रेडिएंट बड़ी-बड़ी बीमारियों में भी रामबाण का काम करता है. इसमें मौजूद एलिसिन शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल करता है, जिससे हर तरह के डायबिटीज मरीजों को फायदा मिलता है. यही नहीं, लहसुन हार्ट को मजबूत बनाता है, हाई बीपी को कम करता है. 
भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन यह केवल एक मसाला नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक तत्व है. खासकर डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी में लहसुन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. वैज्ञानिक शोध और आयुर्वेदिक ग्रंथ दोनों ही इस बात की पुष्टि करते हैं कि लहसुन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार है.

डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता. इसके परिणामस्वरूप रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है. लहसुन इस समस्या को दो स्तरों पर हल करने में मदद करता है. पहला, यह अग्न्याशय को इंसुलिन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करता है. दूसरा, यह कोशिकाओं में इंसुलिन की पकड़ को मजबूत बनाता है. इस दोहरे असर से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और मरीजों को राहत मिलती है.

लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक सक्रिय तत्व इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है. इससे कोशिकाएं ग्लूकोज को आसानी से अवशोषित कर पाती हैं. यही प्रक्रिया धीरे-धीरे रक्त शर्करा को सामान्य स्तर पर बनाए रखने में सहायक होती है. कई शोधों में यह पाया गया है कि लहसुन का नियमित सेवन फास्टिंग ब्लड शुगर को कम कर सकता है और टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन प्रतिरोध को घटा सकता है.
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आयुर्वेद में लहसुन को “रसोन” कहा गया है. इसमें अग्निदीपन, कफ-वात शमन और रक्त शोधन जैसे गुण पाए जाते हैं. यह पाचन को मजबूत करता है, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और ऊर्जा प्रणाली को संतुलित करता है. इसकी गर्म तासीर मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे शुगर लेवल नियंत्रित रहता है.

डायबिटीज के मरीजों में हृदय रोग का खतरा अधिक होता है. लहसुन रक्त वाहिनियों को लचीला बनाता है और रक्त प्रवाह को बेहतर करता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम होता है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि लहसुन प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और हृदय स्वास्थ्य को संतुलित रखने वाले तत्वों से भरपूर होता है.

लहसुन में मौजूद सल्फर कम्पाउंड्स शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. यह डायबिटीज की जटिलताओं को घटाने में सहायक है. इसके अलावा, लहसुन में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण भी होते हैं, जो संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं. सर्दी-जुकाम, खांसी और फ्लू जैसी मौसमी बीमारियों में लहसुन का सेवन तेजी से आराम दिला सकता है.

डायबिटीज के अलावा लहसुन कई अन्य बीमारियों में भी कारगर है. यह हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, हृदय रोगों का खतरा कम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. लहसुन भारतीय रसोई का एक साधारण हिस्सा होते हुए भी सेहत के लिए असाधारण लाभ देता है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए यह प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है. वैज्ञानिक शोध और आयुर्वेद दोनों ही इसकी उपयोगिता को प्रमाणित करते हैं. नियमित और संतुलित मात्रा में लहसुन का सेवन ब्लड शुगर कंट्रोल करने, हृदय स्वास्थ्य सुधारने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है.
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December 07, 2025, 16:05 IST
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चिकन-मटन का ये फेवरेट मसाला! कर देगा हर टाइप का डायबिटीज कंट्रोल



