Wellness Tips: ₹10,000 के PG रूम को बनाओ ‘सक्सेस फैक्ट्री’, पढ़ाई और हेल्थ बैलेंस के लिए जानिए 7 गोल्डन रूल्स

नई दिल्ली (Wellness Tips for Students). जब आप अपना घर छोड़कर किसी दूसरे शहर के पीजी या हॉस्टल में शिफ्ट होते हैं तो जिंदगी जीना आसान नहीं होता है. यहां पढ़ाई या नौकरी के बेहतर ऑप्शन के साथ ही हर दिन आजादी और जिम्मेदारी की एक नई ‘जंग’ भी होती है! एक तरफ लेक्चर्स, असाइनमेंट और परीक्षाओं का तूफान है तो दूसरी तरफ खुद के लिए खाना बनाना, रूम साफ रखना और सबसे जरूरी- मानसिक शांति बनाए रखना. इंडिपेंडेंट तो सभी बनना चाहते हैं लेकिन पढ़ाई की भागदौड़ में सेल्फ-केयर पीछे छूट जाती है.
हम सब जानते हैं कि रातभर जागकर पढ़ने या चिप्स पर गुजारा करने से शायद ग्रेड्स सुधर जाएं, लेकिन हेल्थ और कॉन्फिडेंस जमीन पर आ जाता है. पीजी लाइफ को सिर्फ ‘आजादी’ मान लेना सबसे बड़ी गलती है. यह टाइम मैनेजमेंट और वेलनेस का सबसे कठिन कोर्स है. लाखों युवा रोजाना यह संघर्ष करते हैं: मोबाइल कब छोड़ें?, फास्ट फूड को ‘ना’ कैसे कहें? और घर की याद को कैसे संभालें? अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल के चेयरमैन कुंवर गौरव गिरि मानते हैं कि सफलता की नींव किताबों में नहीं, बल्कि स्वस्थ मन और शरीर में है.
हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट के लिए 7 गोल्डन रूल्स
अगर आपका कमरा अस्त-व्यस्त है, आप ठीक से खा नहीं रहे हैं या 8 घंटे स्क्रीन पर बिता रहे हैं तो बड़े से बड़ा सपना भी टूट सकता है. जानिए 7 आसान लेकिन जरूरी टिप्स, जो आपको जिंदगी के इस तूफानी दौर में न सिर्फ बेहतर छात्र, बल्कि खुशहाल और आत्मविश्वासी इंसान भी बनाएंगे.
1. हर दिन के लिए तय करें शेड्यूल
रोजाना के लिए सामान्य टाइमटेबल बनाकर रखें. इससे आप अपने काम और प्रोग्रेस ट्रैक कर सकते हैं. आपको अंदाजा रहेगा कि आपको क्या करना है, कितना प्रोडक्टिव होना है और अपने काम पर कैसे टिके रहना है. उदाहरण के लिए, आपके डेली प्रोग्राम में यह शामिल होना चाहिए कि आप कितनी देर पढ़ाई करेंगे, कितनी देर खाएंगे-पिएंगे, कितनी देर का ब्रेक लेंगे या सामान्य रूप से कितनी देर आराम करने की योजना है.
2. कमरे में जरूरी है पॉजिटिविटी
आपका पीजी या हॉस्टल रूम हवादार, अच्छी रोशनी वाला और साफ होना चाहिए. आप इसे पॉजिविट तरीके से पर्सनल यानी अपनी पसंद का बना सकते हैं (जैसे: एक पौधा, परिवार की तस्वीर या किसी महान व्यक्तित्व का कोई शॉर्ट नोट). साफ और शांत जगह न केवल पढ़ाई में मदद करती है, बल्कि दिन खत्म होने तक एनर्जी बनाए रखने के लिए कंफर्टेबल स्पेस भी प्रदान करती है.
3. खान-पान पर दें ध्यान
बिजी लाइफस्टाइल के कारण कुछ स्टूडेंट्स बैलेंस्ड डाइट के बजाय फास्ट फूड चुन लेते हैं. पढ़ाई के दौरान फोकस्ड रहने और पर्याप्त एनर्जी बनाए रखने के लिए अच्छा पोषण जरूरी है. डाइट में ताजे फल, सब्जियां और प्रोटीन शामिल करें. दिन में हमेशा हाइड्रेटेड रहें क्योंकि इससे आप बेहतर और एनर्जेटिक महसूस करेंगे. अगर PG में खाना मिलता है तो स्नैक्स या अतिरिक्त पेय पदार्थों के बजाय पूरा भोजन खाने का प्रयास करें.
4. शरीर एक्टिव तो मन एक्टिव
लंबे समय तक बैठे रहने से आपका मन और शरीर थक सकता है. इससे आपकी प्रोडक्टिविटी पर असर भी पड़ सकता है. अपने शरीर को स्वस्थ और मन को तेज रखने के लिए मोबिलिटी यानी मूवमेंट जरूरी है. इसके लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है- साधारण स्ट्रेचिंग, योग या पड़ोस में टहलना भी काफी हो सकता है. व्यायाम से स्ट्रेस कम करने में मदद मिलती है और नींद भी बेहतर आती है.
5. कंट्रोल करें स्क्रीन टाइम
इंटरनेट पर घंटों बिताना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या वीडियो देखना बहुत आसान है. लेकिन इससे आपकी नींद के समय और एकाग्रता की क्षमता कम हो सकती है. इसलिए स्क्रीन टाइम सीमित करना जरूरी है. पढ़ाई करते समय अपना फोन दूर रखें. सोने से 1 घंटा पहले फोन दूर कर दें. यह 1 घंटा किताब पढ़ने, मेडिटेशन करने, किसी दोस्त या परिवार के साथ समय बिताने में खर्च कर सकते हैं.
6. ब्रेक में लें बढ़िया नींद
लंबे समय तक पढ़ाई करने से हमेशा बेहतर परिणाम नहीं मिलते हैं. पढ़ाई के बीच में ब्रेक लेने से दिमाग रीबूट हो सकता है. पढ़ते समय जानबूझकर नींद के समय के बारे में सोचें. अच्छी नींद से याददाश्त और मेंटल हेल्थ बेहतर होती है. वीकेंड पर अपनी हॉबी को समय दें, कहीं घूमने निकल जाएं या पढ़ाई से इतर अपनी पसंद की किताबें पढ़ें. इससे हफ्ते भर की थकान उतर जाएगी.
7. दोस्तों से रखें मेलजोल
अगर आपको घर की याद आ रही है या मन बेचैन है तो किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या कॉलेज काउंसलर से बात करें. आप जो अनुभव कर रहे हैं, उसे दूसरे लोगों के सामने लाने से बहुत मदद मिलती है. अपनी सेहत पर फोकस करके आप पीजी में रहते हुए अपनी लाइफ में सही बैलेंस बना पाएंगे. याद रखें, आपकी हेल्थ सफलता की नींव है. इससे कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है.


