Cloudnine Hospital Doctors Remove16 Kg Giant Uterine Fibroid Preserves Fertility | फरीदाबाद में डॉक्टर्स ने महिला के पेट से निकाला 16 किलो का यूटेराइन फाइब्रॉइड

Last Updated:January 05, 2026, 21:02 IST
16-Kg Uterine Fibroid Surgery: एक महिला का पेट बिना प्रेग्नेंसी के लगातार बढ़ता जा रहा था. जब उसकी जांच की गई, तो उसमें एक बड़ा यूटेराइन फाइब्रॉइड दिखा. फरीदाबाद के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने जटिल सर्जरी कर महिला के यूटेराइन फाइब्रॉइड को सफलतापूर्वक हटा दिया. इतना ही नहीं, डॉक्टर्स ने उसकी भी फर्टिलिटी सुरक्षित रखी, जो मेडिकल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है.
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फरीदाबाद के क्लाउडनाइन के डॉक्टर्स ने 16 किलो का फाइब्रॉइड सफलतापूर्वक निकाल दिया.
Giant Uterine Fibroid Case: दिल्ली की रहने वाली एक महिला पिछले 2 साल में दो बार गर्भपात का शिकार हो गई. इसकी वजह उसके शरीर में पल रही एक परेशानी थी, जो शुरुआत में पता ही नहीं चली. गर्भपात के बाद साल 2023 में उसे पेट में भारीपन महसूस होने लगा और पेट का आकार धीरे-धीरे बढ़ने लगा. हैरानी वाली बात तो यह रही कि प्रेग्नेंसी के बिना भी उसका पेट लगातार भारी होता जा रहा था और आकार भी बढ़ रहा था. महिला को पेशाब, पेट के दबाव या आंतों से जुड़ी कोई परेशानी नहीं थी और उसका मासिक धर्म भी रेगुलर था. इस वजह से बीमारी की पहचान समय पर नहीं हो पाई. जब वह डॉक्टर्स के पास पहुंची और उसका अल्ट्रासाउंड किया गया, तब उसके पेट में परेशानी का पता चला.
फरीदाबाद के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के डॉक्टर्स को जांच में पता चला है कि महिला के पेट में लगभग 30 × 26 सेंटीमीटर का बेहद बड़ा फाइब्रॉइड है. इसके बाद पेल्विक एमआरआई में यह पुष्टि हुई कि यह लगभग 30 × 29.7 सेंटीमीटर का एक विशाल सबसीरोसल यूटेराइन फाइब्रॉइड है, जो कि बेनाइन यानी गैर-कैंसरस लियोमायोमा है और उसमें कैंसर के कोई लक्षण नहीं थे. फाइब्रॉइड के असामान्य आकार, तेजी से बढ़ने और बार-बार गर्भपात से इसके संबंध को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी का फैसला लिया. इस सर्जरी की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि फाइब्रॉइड को हटाते हुए महिला के गर्भाशय को सुरक्षित रखा जाए.
डॉक्टर्स की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 30 वर्षीय महिला में मौजूद 16 किलो वजन वाले यूटेराइन फाइब्रॉइड को सफलतापूर्वक हटाया और सबसे अहम बात यह रही कि इस दौरान महिला की प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी को सुरक्षित रखा गया. सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि यह विशाल फाइब्रॉइड बाईं ओर के ब्रॉड लिगामेंट से निकला हुआ था और आगे की ओर मूत्राशय तथा पीछे की ओर आंतों से चिपका हुआ था. अनुभवी सर्जन टीम ने अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ फाइब्रॉइड को अलग किया और मिनिमम ब्लीडिंग के साथ उसे पूरी तरह निकाल दिया.
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इस केस पर बात करते हुए हॉस्पिटल के फर्टिलिटी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. लक्ष्मी गोयल ने बताया कि महिलाएं अक्सर पेट में भारीपन, पेट का धीरे-धीरे बढ़ना या बार-बार गर्भपात जैसी समस्याओं को तनाव या हार्मोनल बदलाव मानकर नजरअंदाज कर देती हैं. हालांकि फाइब्रॉइड जैसी स्थितियां बिना लक्षण के बढ़ती रहती हैं और गंभीर रूप ले सकती हैं. समय पर डॉक्टर से परामर्श और जांच न केवल जटिलताओं को रोक सकती है, बल्कि फर्टिलिटी को भी सुरक्षित रख सकती है. यह सफल इलाज इसकी एक मिसाल है.
About the Authorअमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
First Published :
January 05, 2026, 21:02 IST
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बिना प्रेग्नेंसी के बढ़ने लगा महिला का पेट, सर्जरी में निकली 16 किलो की चीज !



