Rajasthan

राजस्थान के इस शहर में उल्टा रिवाज, यहां मकर संक्रांति के बजाय रक्षाबंधन पर उड़ाते हैं पतंग

पीयूष पाठक/ अलवर.आमतौर पर पूरे देश ​के कई हिस्सों मकर संक्रांति पर पतंग उड़ती हैं. लेकिन, राजस्थान के अलवर जिले में मकर सक्रांति के बजाय राखी के सीजन में पतंग उड़ती हैं और राखी के दिन तो आसमान पतंगों अट जाता है. जैसे-जैसे राखी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे ही शहर में पतंग की दुकान भी सजने लगी हैं. यहां एक दुकान ऐसी है ​जहां से ज्यादातर लोग पतंग खरीदते हैं.

अलवर के बजाजा मे स्तिथ 67 सालों से चली आ रही पतंग की दुकान चलाने वाले रूद्र प्रकाश ने बताया कि इस दुकान की शुरुआत मेरे पिताजी द्वारा 67 साल पहले की गई. शुरुआती समय में तो छोटे स्तर पर काम शुरू किया गया था लेकिन लोगों का रक्षाबंधन पर उत्साह देखते हुए धीरे-धीरे इस दुकान पर भी लोगों का विश्वास बनता गया. आज यह दुकान पूरे शहर में मशहूर है.

हमारे यहां से गांव ढणी व अलवर शहर के कई दुकानदार भी पतंग लेकर जाते हैं. हालांकि पहले जैसा कि माहौल आजकल रक्षाबंधन पर नहीं रहा. लोग पहले के समय में बच्चों की छुट्टियां आते ही पतंग उड़ाने लगते थे. लेकिन आज राखी से मात्र 4 से 5 दिन पहले से लोग पतंग उड़ाने लगते हैं.

कानपुर से आती हैं पतंग

रूद्र प्रकाश ने बताया कि अलवर में उड़ने वाली पतंग कानपुर, गुजरात, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से आती है. पहले पतंग 33 पैसे की मिलती थी. लेकिन आज वही पतंग 1 रुपये से लेकर 15 रुपये तक के बीच में मिलती है.

नए-नए डिजायत की पतंग आ रही

दुकान पर काम करने वाले भूपेश ने बताया कि वैसे तो पतंग में कई डिजाइन आ रहे हैं. लेकिन लोगों को इस बार कार्टून ​प्रिंट की पतंग काफी आकर्षक लग रही है. जिनकी डिमांड अभी से हमारे यहां होने लगी है. साथ ही आजादी के 75 वे महोत्सव की पतंग भी लोग काफी रहे हैं. कागज में लोग आंख व अन्य तरह की डिजाइन की पतंग की मांग कर रहे हैं. जैसे जैसे राखी नजदीक आएगी वैसे पतंग की डिमांड और बढ़ेगी.

प्लास्टिक मांझे से दूरी

रूद्र प्रकाश ने बताया कि शुरुआती समय से ही हमारी दुकान पर प्लास्टिक का मांझा नहीं बेचा जाता. क्योंकि यह मनुष्य के साथ साथ ही पशु पक्षियों को भी नुकसान पहुंचाता है. इसलिए हमारे पिताजी व हमारा मानना है कि इस तरह की किसी भी चीजों को हमें बढ़ावा नहीं देना चा​चाहिए.सूती मांझी का चरखा वे बेचते हैं, जिसकी कीमत 100 से लेकर 8 हजार तक है.

Tags: Hindi news, Local18

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