13 साल से नहीं रुका ये तिरंगा मिशन, 62 साल के श्रीरत्न मोहता ने 13 हजार लोगों को दिलाया मतदान का संकल्प

Last Updated:September 17, 2026, 08:52 IST
Tiranga Distribution by Shriratna Mohta: देशभक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती. इस बात को सच साबित कर रहे हैं 62 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक श्रीरत्न मोहता. पिछले 13 सालों से वे लोगों को तिरंगा बांटकर देश प्रेम का संदेश दे रहे हैं. साथ ही, वे मतदान जागरूकता के लिए भी एक विशेष अभियान चला रहे हैं. अब तक वे लगभग 13 हजार लोगों को मतदान के लिए प्रेरित कर चुके हैं. विदेशों में भी उन्होंने प्रवासी भारतीयों को तिरंगा भेंट किया है. उनकी इस निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है, जो हम सबके लिए एक मिसाल है.
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Udaipur: देशभक्ति का जज्बा किसी उम्र का मोहताज नहीं होता है. अगर मन में देश के लिए कुछ करने की सच्ची लगन हो, तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आती. इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं 62 वर्षीय श्रीरत्न मोहता. बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए मोहता जी पिछले करीब 13 साल से लोगों को तिरंगा भेंट कर देशभक्ति का अनूठा संदेश दे रहे हैं. पिछले 6 साल से तो उनका यह खास अभियान बिना रुके लगातार जारी है. वे रोजाना नए लोगों से मिलते हैं, उन्हें सस्नेह तिरंगा देते हैं और ‘भारत माता की जय’ बुलवाकर उनके भीतर देश के प्रति सम्मान का भाव जगाते हैं. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के विशेष मौके पर भी श्रीरत्न मोहता शहर में अलग-अलग लोगों से मिले. उन्होंने लोगों को तिरंगा बैज लगाया और उन्हें भारतीय होने पर गर्व करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों में मतदान जरूर करने की भी पुरजोर अपील की. मोहता जी का स्पष्ट कहना है कि तिरंगा उनके लिए सिर्फ एक साधारण झंडा नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता, सम्मान और हर नागरिक की जिम्मेदारी का परम प्रतीक है.
श्रीरत्न मोहता बताते हैं कि इस नेक काम की शुरुआत उन्होंने गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और करगिल विजय दिवस जैसे खास राष्ट्रीय मौकों पर की थी. उस समय वे अपने निजी खर्चे से तिरंगे खरीदकर लोगों को बांटते थे. धीरे-धीरे यह काम उनके दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन गया. अब वे हर दिन कम से कम तीन लोगों को तिरंगा देने का पूरा प्रयास करते हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि एक ही दिन में 15 से 20 लोगों तक भी वे यह राष्ट्रीय संदेश पहुंचाते हैं. जब भारत ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी, उस समय भी उन्होंने अलग-अलग उम्र और वर्ग के लोगों को उत्साहपूर्वक तिरंगा भेंट किया था. उनका दृढ़ता से मानना है कि देश की बड़ी उपलब्धियों का जश्न समाज के हर वर्ग को एक साथ लेकर मनाया जाना चाहिए. इससे आपसी भाईचारा और राष्ट्रीय एकता को बल मिलता है.
विदेशों में भी पहुंचाया तिरंगे का संदेशमोहता जी का यह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत अभियान सिर्फ उदयपुर या राजस्थान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है. वे देश के कई बड़े शहरों और अलग-अलग राज्यों में लोगों से मिलकर देशभक्ति का यह संदेश सफलतापूर्वक दे चुके हैं. सबसे खास बात यह है कि अपनी विदेश यात्राओं के दौरान श्रीलंका, बैंकॉक और दुबई जैसे देशों में भी उन्होंने वहां के स्थानीय लोगों और पर्यटकों को तिरंगा भेंट किया. उन्होंने विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों को भी तिरंगा बैज लगाकर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया. एक वाकया साझा करते हुए उन्होंने बताया कि महज दो दिनों के भीतर उन्होंने करीब 125 प्रवासियों को तिरंगा बैज लगाया था, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से देशभक्तिमय हो गया था.
मतदान के लिए रोजाना करते हैं जागरूकदेशभक्ति के साथ-साथ श्रीरत्न मोहता मतदाता जागरूकता को भी अपनी एक बहुत बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हैं. वे 25 जनवरी 2020 से रोजाना कम से कम एक व्यक्ति को मतदान के लिए अनिवार्य रूप से प्रेरित कर रहे हैं. इसके लिए वे हमेशा अपने साथ एक खास फोल्डर रखते हैं, जिस पर साफ शब्दों में लिखा है- ‘कृपया मतदान अवश्य करें और लोगों को भी प्रेरित करते रहें’. वे राह चलते लोगों से हाथ जोड़कर विनती करते हैं और मतदान की अपील करते हैं. इतना ही नहीं, वे बड़े व्यवसायियों और दुकानदारों से भी यह अपील करते हैं कि मतदान के दिन वे अपने कर्मचारियों को सवैतनिक छुट्टी दें, ताकि कोई भी नागरिक मतदान जैसे महत्वपूर्ण अधिकार से वंचित न रहे. उनके अनुसार, वे अब तक करीब 13 हजार लोगों से व्यक्तिगत रूप से मतदान को लेकर अपील कर चुके हैं. मतदाता जागरूकता के लिए किए गए उनके इन उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए, उन्हें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है. उनका कहना है कि अगर उनकी इस छोटी-सी कोशिश से मतदान प्रतिशत में एक-दो फीसदी की भी बढ़ोतरी होती है, तो वे इसे अपने जीवन और इस अभियान की सबसे बड़ी सार्थकता मानेंगे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Udaipur,Udaipur,Rajasthan
First Published :
September 17, 2026, 08:52 IST



