प्रकाश पर्व पर कोटा में साहिबजादों की शौर्यगाथा, प्रदर्शनी ने हर दिल को झकझोरा

Last Updated:December 28, 2025, 19:51 IST
Veer Bal Diwas : प्रकाश पर्व और वीर बाल दिवस के अवसर पर कोटा के स्वामी विवेकानंद स्कूल में वीर साहिबज़ादों के अद्भुत साहस और बलिदान को समर्पित भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चारों साहिबज़ादों की गाथाओं ने विद्यार्थियों व आमजन को देशभक्ति और त्याग की प्रेरणा दी.
कोटा : प्रकाश पर्व एवं वीर बाल दिवस के पावन अवसर पर कोटा शहर के स्वामी विवेकानंद स्कूल में वीर बालकों की जीवन गाथा पर आधारित एक भव्य और प्रेरणादायक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी और आमजन को सिख इतिहास के गौरवशाली अध्यायों से परिचित कराना तथा साहिबज़ादों के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान से प्रेरणा देना रहा. प्रदर्शनी में सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन, उनके आदर्शों और उनके चारों साहिबज़ादों के बलिदान को चित्रों, विवरणों और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया. विशेष रूप से साहिबज़ादे फतेह सिंह और साहिबज़ादे जोरावर सिंह की वीरता और अडिग आस्था को प्रमुखता से दर्शाया गया, जिन्होंने अल्पायु में ही धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.

कार्यक्रम के दौरान शब्द कीर्तन और लंगर का भी आयोजन किया गया, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना देखने को मिली. शब्द कीर्तन के माध्यम से गुरु परंपरा और सिख इतिहास के मूल संदेशों को सरल और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया. प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और आमजन को साहिबज़ादों की अद्भुत वीरता, त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी प्रेरक कथाएं सुनाई गईं. एलईडी स्क्रीन पर चलाए गए दृश्य और चित्रों ने वीर बालकों की गाथाओं को और भी जीवंत बना दिया, जिससे दर्शकों पर गहरा प्रभाव पड़ा.

इस अवसर पर कोटा सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उनके साथ कोटा दक्षिण विधायक श्री संदीप शर्मा भी उपस्थित रहे. आगंतुकों ने प्रदर्शनी में दर्शाए गए ऐतिहासिक प्रसंगों को गंभीरता और श्रद्धा के साथ देखा. प्रदर्शनी संयोजक अनिल तिवारी ने बताया कि अब तक लगभग 20 हजार से अधिक लोग इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और आम नागरिक शामिल हैं.
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कार्यक्रम संयोजक जसपाल अरोड़ा ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, मानवता और राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने अन्याय, अत्याचार और जबरन धर्म परिवर्तन के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया. उनके चारों पुत्रों ने बहुत कम उम्र में ही धर्म और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर भारतीय इतिहास में एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया.

विशेष रूप से साहिबज़ादे जोरावर सिंह (9 वर्ष) और साहिबज़ादे फतेह सिंह (7 वर्ष) के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. बताया गया कि मुगल शासक वज़ीर ख़ान द्वारा धर्म परिवर्तन का दबाव डाले जाने के बावजूद उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया. परिणामस्वरूप उन्हें दीवार में जीवित चिनवा दिया गया. उनका यह बलिदान आज भी साहस, अडिगता और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है. कार्यक्रम में जसपाल सिंह बिट्टू, अनिल तिवारी, मोनिका माहेश्वरी, सरदार हरमीत सिंह, सरदार बलजीत सिंह, रूद्रेश भारद्वाज, नरेंद्र मेघवाल और सुनीता व्यास सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग और कर्तव्य भावना के महत्व को समझाया. इस प्रदर्शनी और कार्यक्रम के माध्यम से आमजन में देशभक्ति, संस्कार और इतिहास के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा.
First Published :
December 28, 2025, 19:51 IST
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कोटा: वीर बाल दिवस पर स्कूल में साहिबज़ादों की प्रेरणादायक प्रदर्शनी



