आजादी की लड़ाई से क्रिकेट के रिकॉर्ड तक, इस मैदान की कहानी हर भारतीय को जाननी चाहिए

Last Updated:December 17, 2025, 23:04 IST
Mumbai Azad Maidaan History : आज़ाद मैदान मुंबई का ऐतिहासिक स्थल है, जो स्वतंत्रता संग्राम, क्रिकेट की शुरुआत, सचिन तेंदुलकर की साझेदारी और बड़े आंदोलनों का गवाह रहा है. आज़ाद मैदान का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा हुआ है. यह स्थान स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक प्रमुख मंच रहा, जहां अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की गई.
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मुंबई. आज़ाद मैदान दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है. यह ग्राउंड लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका आकार त्रिकोणीय है. भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इसकी अहम भूमिका को सम्मान देने के लिए वर्ष 1960 में इसका नाम बदलकर आज़ाद मैदान रखा गया था. इससे पहले यह 1930 के दशक में महात्मा गांधी की जनसभाओं का प्रमुख केंद्र रहा और सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के जमावड़ों और विरोध प्रदर्शनों का साक्षी बना. ब्रिटिश शासन के दौरान यहां हुए आंदोलनों की याद में ही इसे आज़ादी का प्रतीक माना जाता है.
आज़ाद मैदान का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा हुआ है. यह स्थान स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक प्रमुख मंच रहा, जहां अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की गई. देश के कई बड़े आंदोलन और जनसभाएं इसी मैदान से जुड़ी रही हैं. यही कारण है कि इस मैदान को केवल एक खेल मैदान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है.
क्रिकेट का उद्गम स्थल माना जाता हैआज आज़ाद मैदान को क्रिकेट के उद्गम स्थल के रूप में भी जाना जाता है. इस मैदान में 22 क्रिकेट पिचें हैं, जहां से भारतीय क्रिकेट को कई महान खिलाड़ी मिले हैं. यहीं सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने स्कूली क्रिकेट में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. हर दिन यहां हजारों बच्चे क्रिकेट का अभ्यास करते नजर आते हैं. यह मैदान उन शुरुआती सपनों का गवाह है, जहां से कई क्रिकेटरों ने अपने करियर की नींव रखी.
रिकॉर्ड और उपलब्धियों का साक्षी मैदानआज़ाद मैदान कई ऐतिहासिक क्रिकेट उपलब्धियों का गवाह रहा है. 20 नवंबर 2013 को पृथ्वी शॉ ने इसी मैदान पर 546 रन बनाकर इतिहास रच दिया था. इससे पहले 2009 में सरफराज खान ने हैरिस शील्ड मैच में 439 रनों की पारी खेली थी. साल भर यहां अंतर-विद्यालय, क्लब और विभिन्न स्तरों के क्रिकेट मैच आयोजित होते रहते हैं, जिससे यह मैदान लगातार खेल गतिविधियों से जीवंत रहता है.
लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का प्रमुख केंद्रखेल के साथ-साथ आज़ाद मैदान मुंबई में लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है. यहां समय-समय पर राजनीतिक रैलियां और बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित होते रहे हैं. 2018 का किसान मार्च और 2025 का मराठा आरक्षण आंदोलन जैसे बड़े आयोजनों ने इस मैदान को सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों का भी प्रमुख स्थल बना दिया है.
आसपास के प्रमुख स्थलआज़ाद मैदान के एक ओर मुंबई का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध बॉम्बे जिमख़ाना स्थित है, जबकि दूसरी ओर क्रॉफोर्ड मार्केट है. बॉम्बे जिमख़ाना और आज़ाद मैदान के बीच से होकर एक रास्ता गुजरता है, जो चर्चगेट के फैशन स्ट्रीट और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को जोड़ता है. यही वजह है कि आज़ाद मैदान न केवल ऐतिहासिक और खेल गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि मुंबई की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
December 17, 2025, 23:04 IST
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आजादी की लड़ाई से क्रिकेट रिकॉर्ड तक,भारतीयों को जाननी चाहिए इस मैदान की कहानी



