Rajasthan

मेट्रो जैसा प्लेटफॉर्म, एयरपोर्ट सा वेटिंग लाउंज, कोटा स्टेशन का होगा कायाकल्प, खर्च होंगे 207 करोड़

रिपोर्ट – शक्ति सिंह

कोटा. शिक्षा की नगरी कोटा के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अब उन्नत और आधुनिक सुविधाएं मिलेगी. नई दिल्ली मुंबई रेलवे लाइन पर स्थित कोटा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकसित कार्य विश्व स्तरीय तर्ज पर 207 करोड़ से भी अधिक लागत से किया जा रहा है. 2025 अप्रैल तक यात्रियों को ये सुविधाएं मिलने लगेंगी. इसके तहत कोटा स्टेशन की इमारत, प्लेटफॉर्म, वेटिंग लाउंज, पार्किंग एरिया का पुनर्विकास किया जाएगा. साथ ही यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों और एयरपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी.

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि कोटा स्टेशन को पुनर्विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है. स्टेशन डिजाइन के मानक तत्वों को ध्यान में रखते हुए तीव्रता से कार्य किया जा रहा है. इसके तहत फ्रंट स्टेशन बिल्डिंग का होगा काम, रियर स्टेशन बिल्डिंग पुनर्विकसित होगा, विद्युत सुविधाये, संचार सुविधाओ के साथ अन्य सुविधाएं भी यात्रियों को दी जाएगी, जिसमें सामुदायिक भवन, पार्किंग और भी कई तरह की सुविधा यात्रियों को मिलेगी.

कोटा स्टेशन पर क्या-क्या होंगे काम

  • 6765 वर्गमीटर के कुल क्षेत्रफल वाले दो आगमन ब्लॉक और एक प्रस्थान ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा.
  • वीआईपी लाउंज, वीआईपी रूम, रेस्तरां, भूतल पर कार्यालय और प्रतीक्षा स्थान, पहली मंजिल पर कियोस्क की सुविधा मिलेगी.
  • आगमन ब्लॉक नंबर दो-कियोस्क, प्रतीक्षालय, शौचालय ब्लॉक, कार्यालय, प्रस्थान ब्लॉक में बुकिंग काउंटर, स्टेशन सूचना केंद्र को डेवलप किया जाएगा.
  • 2100 वर्गमीटर के कुल क्षेत्रफल वाले कॉनकोर्स का निर्माण किया जाएगा.
  • 25500 वर्गमीटर के कुल क्षेत्रफल वाले सर्कुलेटिंग क्षेत्र और पार्किंग सुविधाओं का विकास आदि शामिल है.
  • 2680 वर्गमीटर के कुल क्षेत्रफल वाले अलग आगमन और प्रस्थान ब्लॉकों के साथ रियर स्टेशन भवन का विस्तार और पुनर्विकास किया जाएगा.
  • ग्राउंड फ्लोर में बुकिंग काउंटर, वीआईपी रूम, रिटेल शॉप, क्लॉक रूम और ऑफिस, पहली मंजिल में कॉनकोर्स, प्रतीक्षा क्षेत्र, डोरमेट्री और रिटायरिंग रूम (4 नंबर), कियोस्क, रेस्तरां, एटीएम सुविधाएं शामिल हैं.

अन्य सुविधाएं
प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 को जोड़ने वाले 36 मीटर चौड़े कॉनकोर्स का निर्माण, स्टेशन और सर्कुलेटिंग क्षेत्र में सीवरेज, जलापूर्ति, वर्षा जल संचयन, दिव्यांग सुविधाओं का प्रावधान, दोनों कॉनकोर्स को जोड़ने वाले 6 मीटर चौड़े एफओबी का निर्माण, मौजूदा फुट ओवर ब्रिज का नवीनीकरण शामिल है.

Tags: Kota news, Local18

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