Rajasthan

एक बार किया इस घास का प्रयोग, तो गाय और भैंस भी देगी बाल्टी भरकर दूध, पशुपालकों के लिए है वरदान

मनीष पुरी/भरतपुर:- दुधारू पशु पालने वाले किसान पशुओं को खिलाने के इस घास का प्रयोग करेंगे, तो बूढ़ी गाय और भैंस भी बाल्टी भर दूध देने लगेगी. भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में सर्वाधिक बोई जाने वाली बरसीम घास चारे के हिसाब से एक बहुत ही खास किस्म की घास होती है. बरसीम घास प्राकृतिक रूप से नहीं उगती, बल्कि पशुओं के चारे के लिए इसकी बकायादा खेती की जाती है. यह घास पानी की सुविधा वाले इलाकों में रबी के सीजन में उगाई जाती है.

आज के समय में पशुपालन हमारे देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का एक पेशा है. पशुपालन करने वाले किसान ज्यादातर दुधारू नस्ल की गाय और भैंसो को पालना पसंद करते हैं. इसी के साथ कमाई के लिहाज से भी दुधारू पशु पालन फायदे का सौदा माना जाता है. लेकिन कई बार लोग पशुपालन करके अधिक लाभ नहीं कमा पाते, क्योंकि पशुपालन से पहले पशुओं के रख-रखाव और खान-पान के लिए अच्छे चारे की जानकारी होनी चाहिए.

पशुपालकों के लिए काफी अच्छी है ये बरसीम घास
बता दें कि बरसीम घास किसानों और पशुपालकों के लिए काफी अच्छी घास मानी जाती है. इस घास को पशुओं के लिए खास आहार के रूप में माना जाता है. इस घास को चारे में शामिल करने से गाय और भैंस के दूध देने की क्षमता बढ़ जाती है. बता दें कि पशुओं के लिए यह घास काफी अच्छी और पौष्टिक होती है. बरसीम घास चारे के हिसाब से एक बहुत ही खास किस्म की घास होती है. बरसीम घास प्राकृतिक रूप से नहीं उगती, बल्कि पशुओं के चारे के लिए इस घास की बकायादा खेती की जाती है और पर्याप्त पानी की सुविधा वाले इलाकों में ही बरसीम की खेती की जाती है.

ये भी पढ़ें:- जनसंघ के समय राजस्थान के गोवर्धन ने की जेल यात्राएं, अब पीएम मोदी से करेंगे भेंट, देंगे ये गोल्डन कलश

पशुओं को इस प्रकार खिलाएं बरसीम घास
इसकी खेती करने वाले किसान बताते हैं कि गर्मियां शुरू होने के साथ-साथ पशुओं के दूध देने की क्षमता में भी कमी आ जाती है. ऐसे में पशुओं का दूध बढ़ाने के लिए पर्याप्त हरा चारा और दाने की आवश्यकता होती है. पशुओं में दूध बढ़ाने के लिए बरसीम घास काफी अच्छी होती है. इसे काटकर भूसे में मिलाकर पशुओ के लिए देना अच्छा होता है.

किसान बताते हैं कि इस घास को 4 किलो भूसे में 2 किलो बरसीम घास मिलाकर पशुओं को डाला जाता है. यह घास पोषक गुणों से भरपूर होने के साथ ही पचाने में भी आरामदायक घास होती है. इस घास को कई किसान सरसों के साथ में भी बोते हैं. अगर इस घास को आप गाय या भैंस को खिलाएंगे, तो बूढ़ी गाय और भैंस भी बाल्टी भर दूध देगी.

Tags: Animal husbandry, Bharatpur News, Local18, Rajasthan news

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj