खुर्शीद जाह देवड़ी हैदराबाद का इतिहास | Khurshid Jah Devdi Hyderabad History and Restoration.

Last Updated:January 02, 2026, 10:22 IST
Hyderabad: हैदराबाद के हुसैनी आलम में स्थित खुर्शीद जाह देवड़ी पैगाह रईसों की 1893 की विरासत है. यूरोपीय वास्तुकला से निर्मित यह महल अपनी मरम्मत के बाद जल्द ही पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, जिससे चारमीनार क्षेत्र के पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी.
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हैदराबाद: हैदराबाद की तहजीब और वास्तुकला के पन्नों में खुर्शीद जाह देवड़ी एक ऐसा अध्याय है जो वक्त की धूल के नीचे दबे होने के बावजूद अपनी भव्यता की गवाही देता है. चारमीनार की चहल-पहल से महज एक किलोमीटर दूर हुसैनी आलम में स्थित यह महल, पैगाह रईसों की विरासत का एक अनमोल रत्न है. लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रही यह इमारत अब एक बार फिर अपने पुराने गौरव को प्राप्त करने के लिए तैयार है.
इस आलीशान देवड़ी का निर्माण 1893 में पैगाह रईस नवाब खुर्शीद जाह बहादुर (शम्स-उल-उमरा चतुर्थ) के पूर्वजों द्वारा कराया गया था. हैदराबाद के निजामों के बाद पैगाह परिवार रियासत का सबसे शक्तिशाली और अमीर घराना माना जाता था. खुर्शीद जाह बहादुर खुद एक कला प्रेमी और दूरदर्शी रईस थे और उन्हीं के नाम पर इस महल का नाम खुर्शीद जाह देवड़ी पड़ा. यह महल उस दौर की विलासिता और पैगाहों के राजनीतिक रसूख का केंद्र हुआ करता था.
यूरोप और पूर्व की वास्तुकला का संगमयह महल अपनी अनूठी यूरोपीय शैली की वास्तुकला के लिए जाना जाता है. ऊंचे स्तंभ, विशाल मेहराब और लकड़ी के काम में की गई बारीकियां इसे उस दौर के अन्य महलों से अलग बनाती हैं. पुराने समय में इस महल के कमरे हाथ से बुने हुए महंगे ईरानी कालीनों और यूरोप से मंगवाए गए विशेष क्रिस्टल झूमरों से रोशन रहते थे. इसकी संरचना में रोमन और ब्रिटिश स्थापत्य कला का प्रभाव स्पष्ट झलकता है जो उस समय के पैगाह रईसों के वैश्विक दृष्टिकोण और वैभव को दर्शाता है.
वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाआज भले ही इस देवड़ी का कुछ हिस्सा वक्त के साथ जर्जर हो गया है लेकिन इसकी दीवारें आज भी उस दौर की कहानियाँ सुनाती हैं जब यहाँ महफिलें सजा करती थीं. यह केवल एक इमारत नहीं बल्कि हैदराबाद के उस सुनहरे दौर का प्रतीक है जहाँ संस्कृति, कला और राजनीति का मिलन होता था. सुखद खबर यह है कि अब इसका रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है. आने वाले कुछ दिनों में इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा. चारमीनार के नजदीक होने से इस पर्यटन स्थल का महत्व काफी बढ़ जाएगा और सैलानी हैदराबाद के एक और छिपे हुए अध्याय से रूबरू हो सकेंगे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Hyderabad,Hyderabad,Telangana
First Published :
January 02, 2026, 10:22 IST
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हैदराबाद की विरासत को नई ज़िंदगी: खुर्शीद जाह देवड़ी जल्द बनेगी पर्यटन आकर्षण



