जयपुर के चिड़ियाघर में जन्मा धरती का सबसे बड़ा ‘बाहुबली’ चूजा, जन्म के दूसरे दिन ही दौड़ना किया शुरू

Last Updated:March 20, 2025, 15:22 IST
Jaipur News : जयपुर के चिड़ियाघर ने इतिहास रच दिया है. यहां 9 साल के अथक प्रयासों के बाद पहली बार शुतुरमुर्ग की कैप्टिव ब्रीडिंग से चूजे का जन्म हुआ है. धरती का सबसे भारी भरकम बाहुबली यह चूजा शुतुरमुर्ग अवंतिका…और पढ़ें
करीब डेढ़ किलो का ये चूजा आकार में एक मुर्गे से बड़ा और अपनी मासूमियत में सबसे खास है.
हाइलाइट्स
जयपुर चिड़ियाघर में शुतुरमुर्ग का पहला चूजा जन्मा.जन्म के दूसरे दिन ही चूजे ने दौड़ना शुरू किया.चूजे के लिए खास नाम रखने की तैयारी हो रही है.
जयपुर. जयपुर के चिड़ियाघर में 9 साल की मेहनत के बाद एक अद्भुत घटना घटी है. इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के दिलों में खुशी की लहर दौड़ा दी है. पहली बार धरती के सबसे बड़े पक्षी अफ्रीकी शुतुरमुर्ग की कैप्टिव ब्रीडिंग से एक नन्हे चूजे ने इस दुनिया में कदम रखा है. इस पल का इंतजार सिर्फ जयपुर चिड़ियाघर ही नहीं बल्कि पूरा राजस्थान कर रहा था. अब ये सपना हकीकत बन चुका है. जयपुर के चिड़ियाघर में उत्साह का माहौल है.
होली के दिन मादा शुतुरमुर्ग अवंतिका ने 11 अंडे दिए थे. चिड़ियाघर के कर्मचारियों की आंखों में उम्मीद की चमक थी. लेकिन जब इन अंडों में से एक नन्हा चूजा बाहर निकला तो वो खुशी का पल हर किसी के लिए यादगार बन गया. ये कोई आम चूजा नहीं बल्कि धरती के सबसे बड़े पक्षी का कैप्टिव ब्रीडिंग से जन्मा पहला बच्चा है. करीब डेढ़ किलो का ये चूजा आकार में एक मुर्गे से बड़ा और अपनी मासूमियत में सबसे खास है.
जन्म के अगले दिन ही करा दिया ताकत का अहसासपैदा होने के अगले ही दिन इस चूजे ने अपनी ताकत और जिज्ञासा से सबको हैरान कर दिया. उसने अपने एनक्लोजर में चहल-कदमी शुरू कर दी और वहां घूम रहे अन्य पक्षियों को भी दौड़ाना शुरू कर दिया. केयरटेकर बताते हैं कि ये नटखट चूजा मोरों पर भी हमला कर देता है. जैसे मानों वो अपनी ताकत का एहसास करवा रहा हो.
चेन्नई से लाई गई थी मल्लिकार्जुन और अवंतिका की जोड़ीअवंतिका और मल्लिकार्जुन इस जोड़ी की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है. 2016 में यहां पहली बार बाहुबली और देवसेना शुतुरमुर्ग की जोड़ी जयपुर लाई गई थी. लेकिन वो जयपुर का वातावरण अपना नहीं पाए. इस पर 2021 में चेन्नई से मल्लिकार्जुन और अवंतिका को लाया गया. इस जोड़ी ने इतिहास रच दिया. डीसीएफ जयपुर वाइल्ड लाइफ विजयपाल सिंह के मुताबिक कई बार असफल प्रयासों के बाद अवंतिका ने 11 अंडे दिए. उनमें से एक से चूजा सफलतापूर्वक बाहर आया तो वो पल उम्मीद और खुशी का संगम बन गया.
शुतुरमुर्ग को छह तरह के अनाज और मौसमी फल दिए गएवरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अशोक तंवर ने गर्व से बताया कि शुतुरमुर्ग का सफल प्रजनन प्राकृतिक वातावरण और संतुलित आहार के कारण संभव हुआ है. शुतुरमुर्ग को छह तरह के अनाज और मौसमी फल दिए गए. उनके एनक्लोजर में रेत के टीले बनाए गए ताकि वो खुद को अफ्रीका के वातावरण जैसा महसूस करें. इसका नतीजा धरती के सबसे बड़े चूजे का जन्म के रूप में सामने आया है.
खास नाम रखने की तैयारी हो रही हैअब इस चूजे के लिए एक खास नाम रखने की तैयारी हो रही है. जयपुर चिड़ियाघर के अधिकारी और पर्यटक इसे देखने के लिए उमड़ रहे हैं. इसे देखने वाले हर किसी की आंखों में हैरानी और खुशी का मिश्रण है जैसे कोई चमत्कार आंखों के सामने घटित हो रहा हो. वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. अवंतिका का यह नन्हा बच्चा न केवल जयपुर चिड़ियाघर की पहचान बनेगा बल्कि जैव विविधता संरक्षण के लिए एक नई उम्मीद भी बनेगा. उम्मीद है कि बाकी अंडों से भी जल्द चूजे निकलेंगे और राजस्थान के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा.
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
March 20, 2025, 15:22 IST
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जयपुर के चिड़ियाघर में जन्मा धरती का सबसे बड़ा ‘बाहुबली’ चूजा, जानें सबकुछ



