दूध, गोबर और गोमूत्र: गाय पालन से बनाएं स्थायी आय, कौन सी सही नस्ल और देखभाल का तरीका!

Last Updated:December 14, 2025, 19:53 IST
गाय पालन अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय बन चुका है, सही नस्ल का चयन, नियमित देखभाल और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से डेयरी व्यवसाय से स्थायी आय हासिल की जा सकती है. दूध, गोबर और गोमूत्र – गाय के हर उत्पाद का सही उपयोग कर आप मुनाफे को कई गुना बढ़ा सकते हैं.
आमतौर पर, जब हम किसी गाँव या ग्रामीण क्षेत्र में जाते हैं, तो सबसे पहले हमारी नजर गाय और भैंस पर पड़ती है. ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय से जुड़े पशुपालकों का मानना है कि गाय पालन अब केवल परंपरागत कार्य नहीं रह गया है, बल्कि यह एक लाभकारी व्यवसाय का रूप ले चुका है. खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में युवा इस व्यवसाय की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. यदि सही जानकारी, उचित नस्ल का चयन और नियमित देखभाल की जाए, तो डेयरी से स्थायी आय संभव है. वे बताते हैं कि गाय पालन को हल्के में लेने से नुकसान होता है, क्योंकि यह जीवित पशुओं से जुड़ा व्यवसाय है, जिसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती.

गाय पालन में सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम सही नस्ल का चयन करना है, कई लोग अधिक दूध की लालसा में ऐसी गाय पाल लेते हैं, जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल नहीं होती. इससे गाय बार-बार बीमार पड़ती है और दूध का उत्पादन भी प्रभावित होता है. पशुपालक बताते हैं कि स्थानीय या देशी नस्ल की गाय कम खर्च में बेहतर परिणाम देती है. ये वातावरण के अनुसार खुद को ढाल लेती हैं और बीमारियां भी कम होती हैं, जिससे इलाज पर होने वाला खर्च भी घट जाता है.

डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार, आजकल बिना सींग वाली गायों को रखना एक फैशन सा बन गया है, लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है. पशुपालकों का अनुभव बताता है कि सींग वाली गाय अपेक्षाकृत अधिक स्वस्थ रहती है. उनका कहना है कि गाय की सींग उसके शरीर की प्राकृतिक संरचना का हिस्सा होती है और इससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी जुड़ी होती है. सींग दबाने या हटाने से गाय कमजोर हो जाती है और बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है.
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डेयरी व्यवसाय में समय देना सबसे जरूरी है, कुछ लोग इसे साइड बिज़नेस या टाइम पास की तरह शुरू कर देते हैं, जिससे उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता. गायों के खान-पान, सफाई, समय पर दुहाई और स्वास्थ्य जांच पर रोज़ाना ध्यान देना आवश्यक है. पशुपालकों का मानना है कि यदि वे खुद नियमित रूप से पशुओं की देखभाल करें, तो न केवल दूध उत्पादन बढ़ता है, बल्कि गायों की उम्र और उत्पादकता भी लंबे समय तक बनी रहती है.

गाय केवल दूध तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके अन्य उत्पाद भी आय का साधन बन सकते हैं, गोबर से खाद और गोबर गैस, गोमूत्र से जैविक कीटनाशक और औषधीय उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं. पशुपालकों का कहना है कि जो लोग गाय के हर उत्पाद का सही उपयोग करना सीख लेते हैं, उन्हें डेयरी से कई गुना लाभ मिलता है. इसके लिए प्रशिक्षण लेना भी जरूरी है, ताकि आधुनिक तरीकों की जानकारी मिल सके.

डेयरी व्यवसाय में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है, यह मेहनत, धैर्य और निरंतर सीखने वाला व्यवसाय है. नए लोग शुरुआत में कम संख्या में गायों से काम शुरू करें और अनुभव बढ़ने पर धीरे-धीरे विस्तार करें. सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में उपलब्ध कोर्स से तकनीकी जानकारी ली जा सकती है. सही नस्ल, उचित देखभाल और बाजार की समझ के साथ डेयरी व्यवसाय लंबे समय तक अच्छी और स्थिर आय का साधन बन सकता है.
First Published :
December 14, 2025, 19:53 IST
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जानिए गाय पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें सही नस्ल चयन और देखभाल के टिप्स



