उदयपुर बना वाटर स्पोर्ट्स का नया हब, कयाकिंग और कैनोइंग का स्थायी प्रशिक्षण केंद्र की होगी शुरूआत!

उदयपुर. शहर को वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने फतहसागर झील में कयाकिंग और कैनोइंग के लिए स्थायी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उदयपुर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर भी उभरकर सामने आएगा.
राज्य क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. नीरज के. पवन ने इस संबंध में उदयपुर कलेक्टर नमित मेहता को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि फतहसागर झील में एक स्थायी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर विकसित किया जाए, जहां आधुनिक उपकरणों के साथ नियमित प्रशिक्षण हो सके. यह निर्णय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, ताकि खेलो इंडिया गेम्स के लिए खरीदे गए लगभग 5 करोड़ रुपए के अत्याधुनिक उपकरणों का समुचित उपयोग प्रदेश के खिलाड़ियों के हित में किया जा सके.
खिलाड़ियों को मिल सकेंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं
अब तक ये महंगे उपकरण अस्थायी तौर पर उपयोग में लिए जा रहे थे, लेकिन स्थायी केंद्र के अभाव में खिलाड़ियों को सीमित संसाधनों के साथ अभ्यास करना पड़ता था. स्थायी सेंटर बनने के बाद ये सभी उपकरण उदयपुर में ही स्थापित किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी. इससे प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीतने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे.
इस वाटर स्पोर्ट्स सेंटर का संचालन जिला खेल अधिकारी, उदयपुर के अधीन रहेगा. इसके लिए परिषद की ओर से जिला प्रशासन से फतहसागर झील क्षेत्र में सेंटर संचालन और उपकरणों के सुरक्षित भंडारण के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. प्रशासन स्तर पर भी इस परियोजना को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं.
लगभग 60 खिलाड़ी कर रहे हैं नियमित अभ्यास
राजस्थान कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के सचिव दिलीप सिंह चौहान के अनुसार, उदयपुर में वाटर स्पोर्ट्स के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है. यहां से भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे. वरिष्ठ प्रशिक्षक निश्चय सिंह चौहान बताते हैं कि वर्तमान में उदयपुर में कयाकिंग और कैनोइंग से जुड़े लगभग 60 खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं. खास बात यह है कि बेंगलुरु, जयपुर और सीकर जैसे अन्य राज्यों और जिलों के खिलाड़ी भी बेहतर प्रशिक्षण के लिए उदयपुर आ रहे हैं.
जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल का कहना है कि अब तक खिलाड़ियों को सीमित संसाधनों में अभ्यास करना पड़ता था, लेकिन स्थायी केंद्र बनने से हालात पूरी तरह बदल जाएंगे. उदयपुर और आसपास के युवाओं को कयाकिंग और कैनोइंग जैसे रोमांचक खेलों में करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा. उपकरणों की सुरक्षा और रख-रखाव के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार का नुकसान न हो. फतहसागर झील पर बनने वाला यह स्थायी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर न केवल खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि उदयपुर की पहचान को भी एक नई दिशा देगा जहां झीलें अब खिलाड़ियों के सपनों की उड़ान का मंच बनेंगी.



