जब गत्ते के सिक्कों से चलता था बाजार, बीकानेर का ये अनोखा इतिहास चौंका देगा

जब गत्ते के सिक्कों से चलता था बाजार, बीकानेर का ये अनोखा इतिहास चौंका देगा
आज के डिजिटल दौर में जहां हर लेन-देन मोबाइल और कार्ड से हो रहा है, वहीं बीकानेर के इतिहास का एक ऐसा पन्ना सामने आता है जो हर किसी को हैरान कर देता है. एक समय ऐसा भी था जब यहां गत्ते के सिक्कों से खरीद-फरोख्त होती थी और लोग इन्हें पूरी तरह वैध मुद्रा के रूप में इस्तेमाल करते थे. 19वीं शताब्दी में बीकानेर रियासत में एक पैसा, एक आना, दो आना और चार आना तक के गत्ते के सिक्के चलन में थे. इन सिक्कों पर “गवर्मेंट ऑफ बीकानेर” लिखा होता था और पीछे सरकारी मोहर व अधिकारियों के हस्ताक्षर होते थे, जिससे उनकी प्रमाणिकता तय होती थी. इतिहासकार मानते हैं कि यह व्यवस्था धातु की कमी या विशेष आर्थिक परिस्थितियों के कारण शुरू की गई थी. खास बात यह है कि लोग इस अनोखी मुद्रा को आसानी से स्वीकार कर लेते थे और बाजार सामान्य रूप से चलता था. आज ये सिक्के इतिहास की दुर्लभ धरोहर बन चुके हैं, जो उस दौर की सोच और नवाचार को दर्शाते हैं.




