सीकर में शीतलहर, न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस

Last Updated:November 26, 2025, 09:33 IST
Sikar Cold Weather Update: सीकर जिले में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है. फतेहपुर मौसम केंद्र पर आज सुबह न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और ठंड बढ़ने की चेतावनी दी है.
सीकर जिले में लगातार बढ़ रही ठंड ने लोगों की नींद उड़ा दी है. मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी के अनुसार, आज सुबह जिले का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी सीजन में अब तक का सबसे कम तापमान है. मौसम केंद्र से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

जिले के अलग-अलग हिस्सों में ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है. लोगों ने सुबह जल्दी उठते ही घरों में ही गर्म कपड़ों और चाय का सहारा लेना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

स्थानीय लोग कहते हैं कि इस साल की सर्दी पिछले सालों की तुलना में अधिक तेज़ और अचानक आई है. किसान और सड़क पर काम करने वाले लोग सुबह के समय विशेष रूप से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. स्कूलों और अस्पतालों ने भी इस मौसम के अनुसार तैयारी शुरू कर दी है. विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है.
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पाला पड़ने से रबी की मुख्य फसलें जैसे सरसों, चना और गेहूं को गंभीर नुकसान हो सकता है. किसानों ने अब अपनी फसलों को बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर उपाय शुरू कर दिए हैं. वहीं मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि सुबह और रात के समय घर से निकलते समय गर्म कपड़े पहनें. इसके अलावा वाहन चालकों को सड़क पर धुंध और स्लिपरी कंडीशन्स के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

अचानक तापमान में आई इस भारी गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ गई है. पाला पड़ने की आशंका है, जिससे रबी की फसलों जैसे सरसों और गेहूं को नुकसान हो सकता है. हालांकि कुछ फसलों के लिए यह तापमान उपयुक्त हो सकता है, लेकिन लगातार गिरावट चिंता का विषय है.

तेज ठंड के कारण स्थानीय अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, निमोनिया और श्वास संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है. लोग ठंड में बिना जरूरत घर से बाहर न निकले.

किसानों द्वारा बचाव के तरीके तापमान में आई गिरावट को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रात में फसलों की हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है, जिससे खेत के आसपास नमी बनी रहे और पाले का असर कम हो. साथ ही, कुछ किसानों ने खेतों के किनारों पर धुआं करने की तैयारी भी की है, जिससे खेत का तापमान नियंत्रित रह सके. कृषि विभाग ने किसानों को विशेष रूप से दोपहर के बाद सिंचाई करने से बचने को कहा है, क्योंकि इससे रात में पाला पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.
First Published :
November 26, 2025, 09:33 IST
homerajasthan
लो नवंबर में ही में सीकर में जमने लग गई बर्फ, दिसंबर और जनवरी में क्या होगा? .



