बांध की नहर खोलने पर किसानों में मतभेद, प्रशासन की बैठक

Last Updated:November 16, 2025, 16:23 IST
अच्छी बारिश से दौसा जिले के बांध लबालब होने के बावजूद नहर खोलने पर किसानों में सहमति नहीं बन सकी. कालाखो और बोरोदा बांध के नहरी क्षेत्रों के किसानों की बैठक में एक वर्ग ने सिंचाई के लिए तुरंत पानी छोड़े जाने की मांग की, जबकि दूसरे पक्ष ने नहरों की मरम्मत और पेयजल उपलब्धता को प्राथमिकता देते हुए इसका विरोध किया, सहमति न बनने पर प्रशासन ने फिलहाल निर्णय टाल दिया है.
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दौसा. जिले में इस बार अच्छी बारिश के चलते बांध लबालब हैं, ऐसे में किसानों की ओर से सिंचाई के लिए नहर खोलने की मांग उठ रही है. कालाखो और बोरोदा बांध की नहर खोलने के लिए किसानों द्वारा दिए गए आवेदन पर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक सागर राणा की मौजूदगी में नहर क्षेत्र की समितियों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने में मुश्किल नजर आई. एक वर्ग ने नहर खोलने पर जोर दिया, वहीं दूसरा पक्ष नहर खोलने का विरोध करता रहा.
कालाखो बांध से जुड़े गांवों के किसान नहर खोलने के पक्ष में हैं, विशेषकर वे गांव जो बांध के नजदीक बसे हैं. उनका कहना है कि जब बांध भर चुके हैं तो सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाना चाहिए. लेकिन नहर के टेल एंड पर स्थित गांवों के किसानों ने आपत्ति जताई उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में नहर खोलने से उनके हिस्से तक पानी पहुंच नहीं पाएगा, इसलिए पहले नहरों की मरम्मत होनी चाहिए, उसके बाद ही पानी छोड़ा जाए.
उधर, बोरोदा बांध से निकलने वाली चार नहरों में से केवल एक नहरी क्षेत्र के किसान नहर खोलने पर सहमत नजर आए, जबकि बाकी तीन नहरी क्षेत्रों के किसानों ने नहर न खोलने की मांग रखी. उनका तर्क है कि लंबे समय बाद बांधों में इतना पानी भरा है, ऐसे में यदि उसे संरक्षित रखा जाए तो जलस्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, उन्होंने सिंचाई से पहले पेयजल प्राथमिकता दिए जाने की बात पर जोर दिया.
फैसला तभी लिया जाएगा जब दोनों ओर बनेगी सहमति
कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने सभी पक्षों की दलीलें सुनकर कहा कि फैसला तभी लिया जाएगा जब दोनों ओर सहमति बनेगी. प्रशासन का प्रयास है कि समाधान ऐसा निकले जिसमें हर वर्ग का हित सुरक्षित रहे. फिलहाल सहमति नहीं बनने के कारण नहर खोलने पर निर्णय टल गया है और प्रशासन आगे की बैठक में अंतिम निर्णय लेने की कोशिश करेगा. वहीं एक पक्ष के किसानों का कहना है नहर को जल्दी खोला जाए जिससे खेती के लिए पानी कम आ सके वर्तमान में खेती के लिए पानी की आवश्यकता होती है. लेकिन किसान अपने स्तर से ही पानी की व्यवस्था कर रहे हैं अगर बांध से नहर खोल दी जाए तो किसानों को फसल में पानी देने में आसानी हो जाएगी. वही कालाखों बांध में से चलने वाली नहर की जगह क्षतिग्रस्त हो गई है और जगह-जगह बांध की नहर में कटीली झाड़ियां हो रही है ऐसे में उन्हें भी सफाई करने की मांग की है जिसे बांध के अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके और सभी किसानों को पानी मिल सके.
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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Location :
Dausa,Rajasthan
First Published :
November 16, 2025, 16:23 IST
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दौसा में बांध की नहर खोलने पर किसानों में मतभेद, प्रशासन की बैठक हुई आयोजित



