Goa Club Fire: Ajay Gupta Arrested, Partner Of Luthra Brothers | दुबई से लौटे थे लूथरा भाई और लग गई आग… गोवा पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार पार्टनर अजय गुप्ता

पणजी: गोवा के रोमियो लेन क्लब अग्निकांड मामले में गोवा पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने मुख्य आरोपी लूथरा बंधुओं के पार्टनर अजय गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. अजय गुप्ता के खिलाफ पहले से ही अरेस्ट वॉरंट जारी था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अजय गुप्ता उत्तरी दिल्ली का रहने वाला है और उसका इस क्लब में बड़ा फाइनेंशियल स्टेक (आर्थिक हिस्सेदारी) है. जांच में सामने आया है कि अजय गुप्ता और उसका भाई राजेश गुप्ता, दोनों ही सौरभ लूथरा के बिजनेस पार्टनर हैं. गुप्ता ब्रदर्स ने उस क्लब में काफी पैसा निवेश किया हुआ था, जो जलकर खाक हो गया. पुलिस अब अजय गुप्ता से पूछताछ कर रही है ताकि फरार मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके.
गोवा नाइट क्लब आग: पुलिस की जांच में मिला दुबई कनेक्शन क्या है?
पुलिस की जांच में लूथरा भाइयों को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, गौरव और सौरभ लूथरा का कनेक्शन दुबई से भी है. दुबई में उनकी प्रॉपर्टी है और वहां उनका अपना घर भी है, जहां परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं. सबसे अहम बात यह है कि जिस दिन क्लब में आग लगी, उससे करीब 4 दिन पहले ही ये दोनों भाई दुबई से वापस लौटे थे. पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई और गहरी साजिश तो नहीं है. फिलहाल पुलिस अजय गुप्ता की गिरफ्तारी को इस केस में एक अहम मोड़ मान रही है.
गिरफ्तार आरोपी अजय गुप्ता की फाइल फोटो.
गोवा में लूथरा ब्रदर्स के क्लब का क्या हुआ?
वागातोर इलाके में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ (Birch by Romeo Lane) क्लब पर मंगलवार को सरकारी बुलडोजर चला दिया गया. प्रशासन ने अवैध रूप से बने इस स्ट्रक्चर को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है. लेकिन, असली गुनहगार कानून के हाथ आने से पहले ही देश छोड़कर फरार हो चुके हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा घटना के कुछ ही घंटों बाद फिल्मी अंदाज में पुलिस को चकमा देकर थाईलैंड के फुकेट भाग निकले.
गोवा क्लब आग: कौन सी बातें हैरान कर रहीं?
जांच में हुए खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं. जिस वक्त क्लब में आग का तांडव चल रहा था और लोग जान बचाने के लिए चीख रहे थे. उसी वक्त क्लब के मालिक भागने की फिराक में थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आग लगने के 5 घंटे के अंदर ही उन्होंने भागने का प्लान बना लिया था. वे दिल्ली से मुंबई पहुंचे और 7 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट (6E 1073) पकड़कर फुकेट के लिए उड़ गए.
हैरानी की बात यह है कि गोवा पुलिस ने 7 दिसंबर की शाम को लुकआउट नोटिस जारी किया. लेकिन तब तक चिड़िया खेत चुग चुकी थी. इमिग्रेशन रिकॉर्ड ने पुष्टि कर दी है कि नोटिस जारी होने से कई घंटे पहले ही वे देश छोड़ चुके थे. अब गोवा पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए सीबीआई के जरिए इंटरपोल (Interpol) से मदद मांगी है. इसके अलावा, पुलिस ने दिल्ली से एक और आरोपी भारत कोहली को गिरफ्तार किया है, जिसे ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाया गया है.
एक्सपर्ट क्यों बोले, ‘मौत का पिंजरा’ था क्लब
पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह क्लब अरपोरा नदी के बैकवाटर के पास बना था. इसमें आने-जाने का रास्ता बेहद संकरा था. यही वजह थी कि जब आग लगी तो यह क्लब ‘मौत का पिंजरा’ बन गया. लोग बाहर नहीं निकल पाए और दम घुटने व जलने से मर गए. मरने वालों में 4 पर्यटक और 14 स्टाफ मेंबर्स शामिल हैं. 7 शवों की तो अभी तक पहचान भी नहीं हो पाई है.


