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ग्रामीण राजस्थान की पहचान बना बाजरे का राब, सर्दियों की पहली पसंद! स्वाद भी, सेहत भी

Last Updated:December 19, 2025, 19:01 IST

Bajre ka Rab : सर्दियों में राजस्थान की रसोई देसी सेहत का खजाना बन जाती है. जालोर में बाजरे का राब सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि ठंड से बचाव का पारंपरिक फॉर्मूला है. स्वाद, गर्माहट और सेहत का अनोखा मेल इसे सर्दियों की सबसे खास देसी ड्रिंक बनाता है.

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जालौर : सर्दियों के मौसम में राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में रसोई घरों मे ठंड से बचाव और शरीर को भीतर से गर्म रखने के लिए यहां कई तरह के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं. इन्हीं में एक खास और बेहद लोकप्रिय व्यंजन है बाजरे का राब. खासतौर पर जालोर जिले में सर्दियों के दिनों में इसे नियमित रूप से बनाया और पिया जाता है. यह न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि पोषण से भरपूर होने के कारण ठंड के मौसम में शरीर का मजबूत साथी बनता है.

बाजरे का राब, जिसे लोग प्यार से बाजरे का सूप भी कहते हैं, राजस्थान की लोकसंस्कृति और खानपान की पहचान है. ठंडी रातों में गरमा-गरम राब पीने से शरीर में तुरंत गर्माहट महसूस होती है. यह शरीर को ऊर्जा देता है और दिनभर की थकान को दूर करने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में इसे सर्दियों की औषधि की तरह माना जाता है, जो मौसम की मार से शरीर की रक्षा करती है.

सर्दी-जुकाम का देसी उपायआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. श्रीराम वैद्य ने जानकारी दी कि बाजरे का राब सर्दियों में शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है. बाजरा प्राकृतिक रूप से तासीर में गर्म होता है, इसलिए इसका सेवन सर्दी-जुकाम, खांसी और ठंड से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है. ठंड के कारण कमजोर पड़ने वाली रोग प्रतिरोधक क्षमता को यह मजबूत बनाता है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बदलते मौसम के साथ राब का सेवन बढ़ जाता है.

पाचन से लेकर हड्डियों तक फायदेमंदबाजरा फाइबर से भरपूर अनाज है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से बचाव में यह काफी मददगार है. इसके अलावा बाजरे में आयरन और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिससे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है. कैल्शियम की मौजूदगी हड्डियों को मजबूत करती है, जो खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए फायदेमंद मानी जाती है.

आसान रेसिपी, देसी स्वादगृहणी संतोष देवी ने लोकल 18 को बताया कि… बाजरे का राब बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले कड़ाही में घी गरम कर राई और जीरे का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद बाजरे का आटा डालकर धीमी आंच पर भूनते हैं, जब तक उसकी खुशबू न आने लगे. फिर धीरे-धीरे पानी डालते हुए लगातार चलाया जाता है ताकि गांठ न पड़े. स्वादानुसार नमक और हल्की लाल मिर्च डालकर राब को उबाल लिया जाता है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

Location :

Jalor,Rajasthan

First Published :

December 19, 2025, 19:01 IST

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सर्दियों में जालौर का पारंपरिक बाजरे का राब: फायदे और रेसिपी

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