पुनर्नवा के आयुर्वेदिक फायदे किडनी, लीवर और सूजन में लाभ.

Last Updated:January 05, 2026, 19:16 IST
पुनर्नवा एक सामान्य दिखने वाला लेकिन अत्यंत प्रभावशाली आयुर्वेदिक पौधा है, जिसे त्रिदोषनाशक माना गया है. यह किडनी, मूत्र प्रणाली और लीवर के लिए विशेष रूप से लाभकारी होती है तथा शरीर की सूजन, कमजोरी और विषैले तत्वों को दूर करने में सहायक है. इसके रक्तशोधक, सूजनरोधी और डिटॉक्स गुण त्वचा, हृदय और जोड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं. आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में इसका उपयोग काढ़ा, चूर्ण और रस के रूप में लंबे समय से किया जाता रहा है.
आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार के अनुसार, पुनर्नवा किडनी और मूत्र प्रणाली के लिए अत्यंत लाभकारी होती है. इसमें मूत्रवर्धक गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त पानी और विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं. इसके नियमित सेवन से किडनी की सूजन, पथरी, पेशाब में जलन और रुकावट जैसी समस्याओं में काफी लाभ मिलता है, इसके उपयोग से किडनी की कार्यक्षमता भी मजबूत होती है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार के अनुसार, यह औषधि लीवर के लिए भी अत्यंत लाभकारी मानी जाती है. पुनर्नवा लीवर की सूजन को कम करने, पीलिया में राहत देने और लीवर की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है. यह रक्त को शुद्ध करने का कार्य भी करती है, जिससे त्वचा रोग, मुंहासे और एलर्जी जैसी समस्याओं में सुधार देखा जाता है. आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक डिटॉक्स औषधि माना गया है.

इसके अलावा यह औषधि हृदय स्वास्थ्य के लिए किसी रामबाण से कम नहीं मानी जाती है. यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है और हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है. साथ ही यह जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर की सूजन में राहत देती है. इसके सूजनरोधी गुण पुराने दर्द और अकड़न को कम करने में सहायक होते हैं, जिससे व्यक्ति को चलने-फिरने में आराम मिलता है. इन्हीं गुणों के कारण इसका उपयोग च्यवनप्राश में भी किया जाता है.
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आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार के अनुसार, पुनर्नवा औषधि का उपयोग केवल आयुर्वेद में ही नहीं, बल्कि घरेलू नुस्खों में भी लंबे समय से किया जाता आ रहा है. इसका मुख्य उपयोग काढ़ा बनाकर किया जाता है, इसे बनाने के लिए सूखी पुनर्नवा की जड़ या पत्तियों को एक गिलास पानी में उबाला जाता है. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर गुनगुना पी सकते हैं. यह काढ़ा किडनी, सूजन और पेशाब से जुड़ी समस्याओं में बेहद लाभकारी होता है. इसे नियमित रूप से दिन में एक बार लेने से शरीर स्वस्थ रहता है.

इसके अलावा इसका उपयोग चूर्ण के रूप में भी किया जाता है, पुनर्नवा की सूखी जड़ को पीसकर चूर्ण तैयार किया जा सकता है. आधा चम्मच यह चूर्ण गुनगुने पानी या शहद के साथ सुबह खाली पेट लेने से लीवर, पाचन और रक्त शुद्धि में लाभ मिलता है. यह शरीर की कमजोरी दूर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है. इसके अतिरिक्त, इसका रस भी घरेलू उपाय के रूप में उपयोग किया जाता है, जो सूजन और जोड़ों के दर्द में लाभकारी रहता है.
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January 05, 2026, 19:16 IST
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पुनर्नवा: किडनी से लेकर लीवर तक, सूजन और कमजोरी दूर करने वाली जड़ी- बूटी



