भक्तों के लिए अलर्ट! बदला बाबा श्याम की आरती का समय, दर्शन से पहले जरूर जान लें नया शेड्यूल

Last Updated:January 06, 2026, 17:34 IST
Khatushyamji Arti Timings: खाटूश्याम जी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने अहम बदलाव किया है. सर्दी के मौसम को देखते हुए बाबा श्याम की दो प्रमुख आरतियों के समय में संशोधन किया गया है. अगर आप भी आरती के समय दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना दर्शन छूट सकते हैं.
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सीकर : विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी मंदिर से भक्तों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है. अगर आप इन दिनों खाटूश्याम जी मंदिर में आरती के समय बाबा श्याम के दर्शन के लिए जाने वाले हैं तो एक बार आरती के समय जरूर जान लें, क्योंकि बाबा श्याम की दो मुख्य आरती के समय में बदलवा किया गया था. आपको बता दें कि एक दिन में बाबा श्याम की पांच बार आरती होती है. इन्हीं पांचों आरती में एक दिन में दो बार बाबा श्याम का मनमोहक श्रृंगार बदला जाता है और वे भक्तों को नए रूप में दर्शन देते हैं.
सर्दी और गर्मी के हिसाब से खाटूश्याम जी की आरती के समय में बदलाव होता है. ऐसे में इस बार पौष शुक्ल पक्ष से माघ कृष्ण पक्ष लगने के कारण श्री श्याम मंदिर कमेटी ने बाबा श्याम की दो मुख्य आरती के समय में बदलाव किया है. इसको लेकर श्री श्याम मंदिर ने सूचना जारी कर दी है. जारी सूचना के अनुसार खाटू श्याम जी मंदिर की श्रृंगार और संध्या आरती के समय में बदलाव किया गया है. अब बाबा श्याम की प्रातः श्रृंगार आरती सुबह 8:00 बजे होगी. इसके अलावा संध्या आरती शाम 06:15 पर होगी.
बाबा श्याम की नई आरती का समयपौष शुक्ल पक्ष से माघ कृष्ण पक्ष लगने के कारण यानी सर्दी के चलते अभी बाबा श्याम की पहली मंगला आरती 5:30 होती है, जबकि यही आरती गर्मियों में सुबह 4:30 बजे होती है. मंदिर खुलने के साथ ही सबसे पहले यही आरती होती है. इसके बाद दूसरी श्रृंगार आरती सुबह 8:00 बजे होगी, इसी आरती के समय बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है. इसके बाद तीसरी भोग आरती दोपहर 12:30 बजे अपने तय समय पर होगी. इस समय बाबा श्याम को विशेष पकवानों का भोग लगाया जाता है. इसके अलावा शाम की संध्या आरती शाम 6:15 बजे और शयन आरती रात 9 बजे होगी. इस आरती के बाद फिर भीड़ कम रहती है तो मंदिर बंद कर दिया जाता है. इस जानकारी के बाद मंदिर कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार श्याम दर्शन के लिए मंदिर आएं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो.
जानिए कौन है बाबा श्यामबाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में उतरने जा रहे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे शीश दान मांगा. बर्बरीक ने बिना झिझक भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया. इससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और वे हारे हुए लोगों का सहारा बनेंगे. तभी से बाबा श्याम भक्तों के बीच हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते हैं.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
Location :
Sikar,Rajasthan
First Published :
January 06, 2026, 17:34 IST
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