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Last Updated:December 20, 2025, 20:35 IST
Chrysanthemum Plant Care Tips: सर्दियों में गुलदाउदी के पौधों को फूलों से भरने के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी होती है. धूप, पानी और पोषण का संतुलन बनाए रखने से पौधा तेजी से विकसित होता है. देसी खाद, समय पर छंटाई और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने से फूलों की संख्या बढ़ती है. इस लेख में बताए गए 10 आसान और घरेलू तरीके अपनाकर आप अपनी बगिया को सर्दियों में रंगीन और आकर्षक बना सकते हैं.
सर्दियों का मौसम आते ही घरों की बगिया और गमलों में गुलदाउदी के रंग-बिरंगे फूल हर किसी का मन मोह लेते हैं. लेकिन कई बार पौधा तो अच्छा बढ़ता है, पर फूल उम्मीद से कम आते हैं.ऐसे में थोड़ी-सी सही देखभाल और देसी तरीकों को अपनाकर गुलदाउदी के पौधे से भरपूर फूल लिए जा सकते हैं. बागवानी विशेषज्ञों और अनुभवी माली बताते हैं कि अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो गुलदाउदी लंबे समय तक खूब खिलता है.

सबसे पहले धूप की बात करें तो गुलदाउदी को रोजाना कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप बेहद जरूरी होती है.बिना पर्याप्त धूप के पौधे में कलियां कम बनती हैं. इसलिए गमले या क्यारी को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह या दोपहर की धूप आसानी से मिल सके. साथ ही मिट्टी का सही मिश्रण भी बहुत अहम है। हल्की, भुरभुरी और पानी निकालने वाली मिट्टी में गुलदाउदी सबसे अच्छा बढ़ता है.गार्डन सॉइल में गोबर की खाद और थोड़ी रेत या परलाइट मिलाने से जड़ें मजबूत बनती हैं.

पौधे में ज्यादा फूल लाने के लिए पिंचिंग एक कारगर तरीका माना जाता है. जब पौधा 8 से 10 इंच का हो जाए, तब उसकी नर्म ऊपरी टहनियों को हल्का सा तोड़ देना चाहिए.इससे साइड ब्रांच निकलती हैं और उन्हीं पर ज्यादा फूल आते हैं. इसके साथ ही समय-समय पर खाद देना भी जरूरी है. कलियां आने से पहले महीने में दो बार गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट देना फायदेमंद रहता है.
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पानी देने में लापरवाही गुलदाउदी को नुकसान पहुंचा सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार तभी पानी दें, जब मिट्टी ऊपर से सूखी दिखे.ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और फूल आना रुक जाता है. वहीं कीट-पतंगों से बचाव भी जरूरी है. सफेद मक्खी, एफिड और मिलीबग जैसे कीट फूलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इनके लिए 7 से 10 दिन में एक बार नीम ऑयल का छिड़काव कारगर माना जाता है.

पुराने और मुरझाए फूलों को समय रहते हटाते रहना चाहिए. इससे पौधे की ऊर्जा नए फूल बनाने में लगती है. गुलदाउदी ठंडी जलवायु का पौधा है, इसलिए इसे ठंडी हवा पसंद होती है. गर्मी में हल्की छांव देना और सर्दी में भरपूर धूप दिलाना पौधे के लिए बेहतर रहता है.

गमले का साइज़ भी फूलों की संख्या पर असर डालता है. कम से कम 10 से 12 इंच का गमला होना चाहिए, ताकि जड़ों को फैलने की पूरी जगह मिल सके.छोटा गमला पौधे की ग्रोथ रोक देता है.जब पौधा बड़ा हो जाए, तो टहनियों को सहारा देना भी जरूरी है, ताकि वजन से वे टूटें नहीं.

थोड़ी समझदारी और नियमित देखभाल से गुलदाउदी का पौधा सर्दियों में फूलों से लद सकता है. देसी तरीके अपनाकर न सिर्फ बगिया खूबसूरत बनती है, बल्कि घर का माहौल भी रंग-बिरंगा हो जाता है.
First Published :
December 20, 2025, 20:35 IST
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ठंड में भी खिलेगी गुलदाउदी! माली छुपाकर रखते हैं ये 10 आसान देसी ट्रिक्स



