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जहां दौड़ती थीं गाड़ियां, वहां उगी घास! भिवाड़ी का नेशनल हाईवे बना प्रशासनिक नाकामी की मिसाल

Last Updated:December 15, 2025, 14:00 IST

Alwar News Hindi : अलवर जिले के भिवाड़ी बाईपास का नेशनल हाईवे विकास की पहचान नहीं, बल्कि लापरवाही की तस्वीर बन चुका है. जहां कभी गाड़ियां दौड़ा करती थीं, वहां आज पानी, घास और पेड़ों का कब्जा है. जलभराव, टूटी सड़क और अधूरे फैसलों ने इस हाईवे को आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना दिया है.

अलवर : राजस्थान प्रदेश का यह शायद एकमात्र ऐसा नेशनल हाईवे है, जहां अब वाहनों की आवाजाही नहीं, बल्कि बड़ी-बड़ी घास और पेड़ दिखाई देते हैं. यह हाईवे भिवाड़ी के उस इलाके से होकर गुजरता है, जो कभी हरियाली और विकास के लिए जाना जाता था, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि वही बाईपास बरसात के मौसम में नदी का रूप ले लेता है. करीब 500 मीटर लंबे इस हाईवे का हाल यह है कि पानी भरने और निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है.

इसी मार्ग पर भिवाड़ी बीड़ा (BIDA) का कार्यालय भी स्थित है, जहां आईएएस रैंक के अधिकारी पदस्थापित हैं. विडंबना यह है कि जिन अधिकारियों के जिम्मे इस औद्योगिक क्षेत्र का विकास और प्रबंधन है, उन्हें भी अपने ही कार्यालय तक पहुंचने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है. जलभराव और टूटी-फूटी सड़क के कारण रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है.

एक आदेश, दो साल की मुसीबत – रैम्प बना आफतमामले की जड़ 29 जुलाई 2023 से जुड़ी है, जब हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर हरियाणा के लोगों की शिकायत पर भिवाड़ी बाईपास पहुंचे थे. उस दौरान धारूहेड़ा क्षेत्र में भिवाड़ी से आने वाले पानी को रोकने के लिए हरियाणा सीमा पर एक बड़ा रैम्प बनाने के आदेश दिए गए. यह रैम्प तो बना, लेकिन इसके दुष्परिणाम अब सामने हैं. दो साल बीत जाने के बावजूद रैम्प अपनी जगह कायम है और पानी की निकासी की समस्या और भी विकराल हो गई है.

सत्ता एक, समाधान शून्य – जलभराव जस का तसलोगों को उम्मीद थी कि राजस्थान और हरियाणा – दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार बनने के बाद इस समस्या का समाधान निकल आएगा. लेकिन दो वर्षों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. समस्या इतनी गंभीर हो गई कि मामला केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचा. मंत्री ने दोनों राज्यों के जनप्रतिनिधियों को बुलाकर जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया, लेकिन काफी समय गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई.

हाईवे नहीं, जलजंगल – धारूहेड़ा बना संकट जोनअब हालात यह हैं कि लोगों ने उस नेशनल हाईवे से निकलने की उम्मीद ही छोड़ दी है. हरियाणा के लोगों का आरोप है कि भिवाड़ी की फैक्ट्रियां अपना गंदा पानी छोड़ती हैं, जिससे पूरा धारूहेड़ा इलाका जलमग्न रहता है. इसी आरोप-प्रत्यारोप के चलते दोनों राज्यों के लोग बार-बार आमने-सामने आ जाते हैं. समाधान के अभाव में यह हाईवे विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की मिसाल बन चुका है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

Location :

Alwar,Rajasthan

First Published :

December 15, 2025, 14:00 IST

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जहां चलती थीं गाड़ियां, वहां उग आई घास: भिवाड़ी का नेशनल हाईवे दो साल से बंद

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