Lok Sabha Election 2024: उप्र में कांग्रेस के सामने अस्तित्व का संकट, सब ओर रामलहर | Congress facing Existential crisis in up bjp on Ram wave lok sabha election 2024

कमलानगर में युवक प्रफुल्ल का कहना था कि यहां कभी पं. नेहरू की धर्मपत्नी कमला नेहरू को गिरफ्तार किया गया था, इसलिए इस जगह का नाम कमलानगर रखा गया। चुनावी मुद्दे की चर्चा की तो वे बोले, बेरोजगारी बड़ी समस्या है, लेकिन अयोध्या में राममंदिर निर्माण के बाद सब ओर रामलहर ही दिख रही है। बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर अब कोई बात नहीं करता है।
फूलपुर में एक दौर में पं. नेहरू व उनके बाद इंदिरा गांधी विभिन्न आयोजनों में आती रही है। लेकिन अब गांधी परिवार का कोई सदस्य इस तरफ नहीं आता। रही बात इलाहाबाद सीट की यहां से वर्ष 1984 में आखिरी बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सिने स्टार अमिताभ बच्चन चुनाव जीते थे। इसके बाद से कांग्रेस को यहां तीसरे या चौथे नम्बर पर ही संतोष करना पड़ रहा है। सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन में यह सीट इस बार कांग्रेस के हिस्से में आई है।

महाकुंभ से बढ़ीं उम्मीदें
प्रयागराज के इलाहाबाद विश्वविद्यालय पहुंचा तो वहां पुलिस तैनात थी। पता चला कि छात्रों में आपसी विवाद के कारण सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह वही विश्वविद्यालय है जहां से पढ़कर कई छात्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ओहदे तक पहुंचे हैं। यहां मेरी मुलाकात डॉ. धनंजय चौपड़ा से हुई। उनसे राजनीतिक मिजाज पूछा तो उन्होंने कहा, इलाहाबाद सीट ऐसी रही है, जहां जनता ने कई बार अप्रत्याशित रूप से बदलाव किए। इस बार माहौल तो साफ दिख ही रहा है। वर्ष 2025 में यहां महाकुंभ होगा, इसलिए लोगों को यह उम्मीद है कि विकास के लिए अच्छा फंड मिलेगा।
माफियाराज खत्म हो गया, ये कम है
क्या विश्वविद्यालय से निकलकर मैं प्रयागराज के संगम स्थल पहुंचा। यहां माघ मेले में आए सतीश चंद्र से पूछा कि प्रयागराज में पिछले सालों में क्या बड़ा काम हुआ। इस पर वे बोले, मुझे जहां तक याद है विकास के नाम पर नैनी ब्रिज बनने के बाद कोई बड़ा काम नहीं हुआ। यह भारत के सबसे लंबे केबल पुलों में से एक है। इससे प्रयागराज को नया लुक मिला था। बड़े मुद्दे की बात पर वे बोले, प्रयागराज में माफिया राज खत्म हो गया, ये क्या कम है। देख नहीं रहे, अब प्रयागराज में सुकून है।

कांग्रेस के सामने अस्तित्व का संकट
समूचे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति बेहद कमजोर है। इसे कांग्रेस कार्यकर्ता भी स्वीकार करते हैं। पिछली बार केवल रायबरेली सीट पर ही कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सोनिया गांधी जीत पाई थी। अब वे भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गई हैं। सिविल लाइंस क्षेत्र में विपिन गुप्ता ने बताया कि माफिया राज का खात्मा यहां लोगों को सर्वाधिक राहत देने वाला है। महिला और व्यापारियों में किसी प्रकार का भय नहीं है।
माफिया सरगना अतीक अहमद के अंत के बाद उसकी गैंग की दहशत भी लोगों में नहीं रही है। पहले समूचे प्रयागराज में वसूली का खेल जोरों पर होता था। माफिया राज के खात्मे को योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि कहा जा रहा है। रही बात हवा कि यहां राम लहर के आगे विपक्षी दलों को कोई बड़ा मुद्दा भी नहीं सूझ रहा।
सरकार युवाओं का ध्यान रखे
प्रयागराज स्टेशन क्षेत्र के पास रहने वाले युवा गौरव त्रिपाठी ने कहा, सरकार किसी भी दल की बने, लेकिन सरकारी विभाग में रिक्तियां समय पर निकले और समय पर परीक्षा कराई जानी चाहिए। कई बार पेपर लीक होने से बहुत दिक्कत होती है। यहीं पर मिले तूफेल ने कहा, राजनीति में कब क्या हो जाए, कुछ कह नहीं सकते। चाहे चुनाव लोकसभा के हों या फिर विधानसभा के आज के दौर में स्थानीय मुद्दे ज्यादा प्रभावी नहीं रहते।
सपा-कांग्रेस एकजुट,नतीजों पर सबकी रहेगी नजर
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा प्रयागराज से गुजरी है। अभी फूलपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की केसरी देवी पटेल और इलाहाबाद लोकसभा सीट से भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी सांसद हैं। इलाहाबाद सीट से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, विश्वनाथ प्रताप सिंह, मुरली मनोहर जोशी और सुपर स्टार अमिताभ बच्चन भी सांसद रहे हैं। इस बार सपा और कांग्रेस के गठबंधन के बाद इलाहाबाद सीट से कांग्रेस किसे उम्मीदवार बनाती है। इस पर भी सबकी नजर है। देखना यह है कि गठबंधन कांग्रेस के पक्ष में रहता है या फिर भाजपा के।