चुनाव आयोग ने जिस बात पर रोक लगाई थी, सुक्खू सरकार ने उसी को दी मंजूरी, हिमाचल में कब होंगे पंचायत चुनाव? बढ़ गया संशय

Last Updated:November 25, 2025, 11:02 IST
Himachal Panchayat Elections News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह का बयान, कहा-अनिरुद्ध सिंह बोले– मुख्यमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि चुनाव समय पर होंगे, प्रदेश में इस समय डिजास्टर एक्ट लागू है. भाजपा का आरोप है कि सरकार बहाना बनाकर चुनाव टालना चाहती है.
हिमाचल में पंचायत चुनाव को लेकर अंसमजस की स्थिति बनी हुई है.
शिमला. हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सुक्खू सरकार और चुनाव आयोग में टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब सुक्खू सरकार की कैबिनेट मीटिंग में नई पंचाय़तों के गठन और पुर्नसीमांकन को मंजूरी दी, जबकि चुनाव आयोग पहले ही इस पर रोक लगा चुका है. अब बात है कि मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है और ऐसे में कोर्ट के दिशा-निर्देशों पर भी सबकीं निगांहें हैं.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश में समय पर पंचायत चुनाव होने को लेकर अब संशय बढ़ गया है. पंचायत चुनावों पर राज्य चुनाव आयोग और प्रदेश सरकार के बीच टकराव के बीच कैबिनेट ने पंचायतों के पुनर्गठन का फैसला लिया है. गौरतलब है कि सूबे में 30 पंचायत और 5 विकास खंडों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन के प्रस्ताव सरकार को भेजे गए हैं. विकास खंडों में हमीरपुर के तीन और ऊना के दो खंड के लोगों ने पुनर्गठन की मांग रखी गई है. वर्तमान में प्रदेश में 3,577 पंचायतें हैं.
शिमला में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया. पंचायत चुनावों में देरी और मंत्रिमंडल में लिए गए निर्णय को लेकर ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि चुनाव समय पर होंगे, प्रदेश में इस समय डिजास्टर एक्ट लागू है और यह मामला अदालत में भी विचाराधीन है, ऐसे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिक की तो कहा कि अभी डिजास्टर एक्ट लगा हुआ है और उसी के आधार पर फैसला होगा.
अब सारी औपचारिकताएं दोबारा होंगीहिमाचल प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन के चलते अब पूरी चुनावी प्रक्रिया दोबारा से होगी. यानी नई पंचायत बनेगी तो फिर सीमाओं में बदलाव होगा और आरक्षण रोस्टर भी बदलेगा. अहम बात है कि चुनाव आयोग की तरफ से तैयारियां की जा रही थी और बैलेट पेपर की छपाई हो गई है. आयोग ने डीसी को चुनाव सामग्री उठाने के निर्देश भी दिए. हालांकि, अब सरकार के इस फैसले से मतदाता सूचियां भी दोबारा बनेंगी. अहम बात है कि सरकार को नई पंचायतों के गठन को लेकर नए प्रस्ताव भी आ सकते हैं.
अब तक पंचायत चुनाव को लेकर क्या हुआहिमाचल प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो जाएगा. ऐसे में उससे पहले चुनाव होने जरूरी हैं. दिसंबर में चुनाव हो सकते थे. लेकिन अब चुनाव आयोग और सरकार आमने सामने है. सरकार का कहना है कि डिजास्टर मैनेजमैंट एक्ट की वजह से चुनाव करवाना संभव नहीं है, क्योंकि प्रदेश में अब भी सड़कें बंद हैं. चुनाव आयोग ने को ऑफ कंडक्ट की धारा 2.1 लागू की औऱ इसमें नई पंचायतें या फिर वार्ड नहीं बन सकते हैं. ऐसे में अब टकराव के चलते अप्रैल मई तक चुनाव हो सकते हैं. अहम बात है कि मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है और ऐसे में यदि सरकार और चुनाव आयोग के बीच में कोई सहमति नहीं बनती है तो भी हिमाचल हाईकोर्ट इस संबंध में कोई आदेश दे सकता है.
Vinod Kumar Katwal
Results-driven journalist with 14 years of experience in print and digital media. Proven track record of working with esteemed organizations such as Dainik Bhaskar, IANS, Punjab Kesari and Amar Ujala. Currently…और पढ़ें
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Location :
Shimla,Shimla,Himachal Pradesh
First Published :
November 25, 2025, 10:43 IST
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पंचायत चुनावः EC ने जिस बात पर रोक लगाई थी, सुक्खू सरकार ने उसी को दी मंजूरी


