स्कूल जाने के लिए पेड़ के तने पर चल रहे बच्चे, प्रतापगढ़ के गांव में 20 साल से पुल का इंतजार

Last Updated:August 27, 2026, 16:31 IST
Pratapgarh School News: प्रतापगढ़ के उदियाखेड़ी गांव में स्कूल जाने वाले बच्चों की मजबूरी सामने आई है. नाले पर पुल नहीं होने के कारण बच्चे पेड़ के तने पर चलकर जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से यहां पुल नहीं बना. करीब 20 वर्षों से प्रशासन और सरकार से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
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प्रतापगढ़ में स्कूल के रास्ते मे पुल नहीं तो पेड़ का लिया सहारा
प्रतापगढ़: देश की आजादी के इतने लंबे अरसा बीत जाने के बाद भी आज के आधुनिक दौर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव किस तरह आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, इसकी एक बानगी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से सामने आई है. एक ओर जहां सरकारें और शिक्षा विभाग स्कूलों के विकास और बच्चों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं धरातल पर सरकारी दावों की पोल खोलती यह तस्वीर हर किसी को झकझोर कर रख देने के लिए काफी है. जिले के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में स्कूली बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए हर रोज अपनी जान को जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं.
सामने आए वीडियो के अनुसार, प्रतापगढ़ के उदियाखेड़ी गांव के मासूम छात्र-सवेरे स्कूल जाने के लिए एक बहुत खतरनाक रास्ते का प्रयोग करते हैं. गांव के पास स्थित एक बड़े नाले पर कोई पुल या सुरक्षित रास्ता नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरन एक पेड़ के गिरे हुए तने पर संतुलन बनाकर उस नाले को पार करना पड़ता है. जरा सी चूक या पैर फिसलने से बच्चे सीधे गहरे नाले में गिर सकते हैं. इसके बाद भी शिक्षा के प्रति बच्चों की लगन और मजबूरी उन्हें हर रोज इस जानलेवा रास्ते से गुजरने को मजबूर करती है.
आजादी के बाद से नहीं सुधरी तस्वीरग्रामीणों का दर्द है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस गांव की सुध नहीं ली है. चुनाव के दिनों में गांवों का दौरा करने वाले नेता और प्रत्याशी बड़े-बड़े वादे और विकास के सपने दिखाकर वोट तो बटोर ले जाते हैं, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद स्थिति जस की तस बनी रहती है. उदियाखेड़ी गांव के लोगों ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस नाले पर एक अदद पुल के निर्माण के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला.
बारिश के दिनों में और बढ़ जाती है बच्चों की मुश्किलेंपुल के अभाव में बरसात के मौसम में स्कूली बच्चों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं. मानसून के दिनों में जब नाला पानी से भर जाता है, तब स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है. इसके बावजूद बच्चों और अभिभावकों के पास शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस जोखिम भरे रास्ते के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचता. प्रशासन की इस गहरी उदासीनता के कारण ग्रामीण खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं. यह गंभीर स्थिति मांग करती है कि जिम्मेदार विभाग जल्द से जल्द इस नाले पर पुल का निर्माण करवाए, ताकि किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Pratapgarh,Rajasthan
First Published :
August 27, 2026, 16:31 IST



