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Last Updated:December 26, 2025, 12:27 IST
Jeen Mata Mandir: जीण माता मंदिर में वर्ष 2026 से श्रद्धालुओं के लिए नई दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी. इस नई प्रणाली के तहत दिव्यांग श्रद्धालुओं और जडूला कराने आने वालों के लिए अलग से कतार की सुविधा होगी, जिससे उन्हें बिना परेशानी दर्शन मिल सकें. मंदिर प्रशासन का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है. इस बदलाव से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को अधिक सहज धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा.
Jeen Mata Temple: राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक जीणमाता मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है. क्योंकि, इस मंदिर में दर्शन व्यवस्था और अधिक सुगम होने वाली है. आपको बता दें कि, लगातार बढ़ती भीड़ व श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जीणमाता मंदिर ट्रस्ट ने व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसे नए साल 2026 से चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य ये है कि माता के दर्शन के लिए आने वाला कोई भी श्रद्धालु अव्यवस्था, धक्का-मुक्की या परेशानी का शिकार नहीं हो.
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी बंशीधर पुजारी ने बताया कि चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान यहां करीब 25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. कोरोना काल के बाद जैसे खाटूश्यामजी में भक्तों की संख्या बढ़ी है, उसी तरह अब खाटू आने वाले श्रद्धालु जीणमाता के भी दर्शन करने लगे हैं. इसी बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया गया है। इसके मुताबकि सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. नए साल में भक्तों को दर्शन करने में काफी राहत मिलेगी.
इन सुविधाओं में होगा सुधारश्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले के दौरान मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाता है, जिससे आपात स्थिति में परेशानी बढ़ जाती है. ट्रस्ट नेटवर्क बढ़ाने के लिए अधिकारियों से मिलकर कोशिश की जा रही है. इसके अलावा भीड़ बढ़ने के साथ ही मंदिर के आसपास वाहनों का बेतरतीब जमावड़ा आम समस्या बन चुका है. इसके अलावा भक्तों के लिए यहां और भी कई सुविधाओं में विस्तार होने वाला है.
दर्शन के लिए ये तीन बदलाव होंगेबंशीधर पुजारी ने बताया कि भीड़भाड़ वाले दिनों में सबसे अधिक परेशानी विकलांग, बुजुर्ग और असहाय श्रद्धालुओं को होती है. इसे देखते हुए इनके लिए अलग लाइन बना रहे हैं. साथ ही नए साल से ई-रिक्शा सेवा भी शुरू की जाएगी, जो बस स्टैंड से मंदिर तक संचालित होगी. इससे जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी. वहीं, विशेष अवसरों पर जीणमाता गांव सहित आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते हैं. पहले से मौजूद भीड़ में इनके लिए दर्शन करना कठिन हो जाता है. अब भीड़ बढ़ने पर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या शिकायत न आए.
जात-जड्ले व परंपरागत धोक के लिए अलग लाइन इसके अलावा सबसे खास बात आम भक्तों के अलावा जात-जड्ले व परंपरागत धोक लगाने वाले भक्तों के लिए भी मंदिर कमेटी ने समाधान निकाला है. नवरात्र व मेलों बड़ी संख्या में श्रद्धालु छोटे बच्चों का मुंडन संस्कार, जात-जड़ले और परंपरागत धोक के लिए आते हैं. ऐसे श्रद्धालुओं के लिए एक अलग लाइन में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ दर्शन की सुविधा दी जाएगी. चैत्र नवरात्र में इससे विशेष लाभ मिलेगा.
About the AuthorJagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
Location :
Sikar,Rajasthan
First Published :
December 26, 2025, 12:27 IST
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भक्तों के लिए खुशखबरी! जीण माता में 2026 से लागू होगी नई दर्शन व्यवस्था



