पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान की बात करो! ओवैसी पर BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य का तीखा वार

Last Updated:January 10, 2026, 19:31 IST
Jaipur Politics : AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने तुष्टीकरण और धर्म आधारित राजनीति का आरोप लगाया, जिससे जयपुर में नई सियासी बहस छिड़ गई है. भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति और विशेष समुदाय की राजनीति करने वाले लोगों की सोच उसी दायरे में सिमटी रहती है. उन्होंने कहा कि ओवैसी पाकिस्तान की बातें करते हैं, जबकि उन्हें हिंदुस्तान की बात करनी चाहिए.
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जयपुर. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान को लेकर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. जयपुर की हवा महल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने ओवैसी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और एक खास समुदाय को आधार बनाकर राजनीति करने का आरोप लगाया है. बालमुकुंद आचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है और इसे देश, संविधान और धर्म आधारित राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति और विशेष समुदाय की राजनीति करने वाले लोगों की सोच उसी दायरे में सिमटी रहती है. उन्होंने कहा कि ओवैसी पाकिस्तान की बातें करते हैं, जबकि उन्हें हिंदुस्तान की बात करनी चाहिए. बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि जो लोग हिंदुस्तान में रहते हैं, उन्हें हिंदुस्तान के हितों और मूल्यों की बात करनी चाहिए, न कि बार-बार दूसरे देश का संदर्भ देकर देश की एकता और अखंडता पर सवाल खड़े करने चाहिए.
आजादी और संविधान का दिया हवालाअपने बयान में बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि जिन लोगों को धर्म के आधार पर अपना देश चुनना था और शरिया के आधार पर देश चलाना था, उन्होंने उस समय जिन्ना के साथ जाने का फैसला कर लिया था. उन्होंने कहा कि आजादी के समय यह फैसला हो चुका है और अब भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश है, जहां सभी को संविधान के तहत अधिकार मिले हैं. ऐसे में बार-बार धर्म आधारित राजनीति करना देश की मूल भावना के खिलाफ है.
ओवैसी के पुराने बयानों पर निशानाबालमुकुंद आचार्य ने ओवैसी के पुराने बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कभी ओवैसी यह कहते हैं कि अल्लाह को मानने वाला देश का प्रधानमंत्री बनेगा और कभी यह बयान देते हैं कि हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बनेगी. भाजपा विधायक ने कहा कि इस तरह के बयान देश की संवैधानिक व्यवस्था से अलग सोच को दर्शाते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई संविधान को मानता है, तो उसे संविधान की भाषा और उसके दायरे में रहकर ही राजनीति करनी चाहिए.
लोकतंत्र और समान अधिकार की बातभाजपा विधायक ने कहा कि भारत में लोकतंत्र सर्वोपरि है और यहां प्रधानमंत्री या किसी भी संवैधानिक पद का चयन धर्म, जाति या पहनावे के आधार पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होता है. उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी एक समुदाय को विशेष रूप से आगे बढ़ाने या बाकी समाज को पीछे धकेलने की सोच देश को कमजोर करती है.
राजनीति में नई बहस तेजबालमुकुंद आचार्य के इस बयान को भाजपा की राष्ट्रवादी राजनीति और AIMIM की पहचान आधारित राजनीति के बीच वैचारिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज हो सकती है. फिलहाल इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें राष्ट्रवाद, संविधान और धर्म आधारित राजनीति जैसे मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
January 10, 2026, 19:31 IST
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पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान की बात करो! ओवैसी पर बालमुकुंद आचार्य का तीखा वार



